किसान सम्मान निधि

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में किसान सम्मान निधि योजना (Kisan Samman Nidhi Scheme) के तहत दिए जाने वाले लाभ राशि में एक बड़ा फर्जीवाड़ा (fraud) सामने आया है। जहां झूठे घोषणा पत्र भरकर शासन की इस योजना का लाभ पेंशनधारी किसानों ने उठाया है। हालांकि इस मामले में खुलासे एवं जांच के बाद 70% किसानों ने करीबन 1 करोड़ 25 लाख तक की राशि राज्य शासन को लौटा दी है।

मध्यप्रदेश में आयकर भरने और पेंशन लेने वाले किसानों ने किसान सम्मान निधि की राशि पाने के लिए झूठे घोषणा पत्र भरे थे। इस मामले में खुलासा होने के बाद राज्य शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन (District administration) की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में किसान सम्मान निधि राशि के लिए घोषणा पत्र भरने वाले किसानों में करीबन 350 आयकरदाता और 200 सरकारी कर्मचारी ने जानकारी छिपाई थी।

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इस मामले में जिला प्रशासन की टीम ने अब तक कार्रवाई में सारे 500 से अधिक ऐसे लोगों को पकड़ा है। जिन्होंने झूठे घोषणा पत्र भरे हैं। इसके साथ ही साथ उनके खाते में किसान सम्मान निधि राशि के 6000 रुपए की 6 किस्ते भी जमा हो चुकी है। हालांकि राज्य शासन के निर्देश के बाद कार्रवाई के डर से इनमें से 70% लाभार्थियों ने राज्य शासन को डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 1 करोड़ 25 लाख की राशि अदायगी की।

जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद पूरे जिले से अब तक 350 आयकरदाता और 200 शासकीय सेवक के खिलाफ कार्रवाई की गई। फर्जीवाड़े को सामने लाने के लिए इनकम टैक्स के रिकॉर्ड चेक किए गए तो ऐसे लोगों के नाम सामने आए। जिन्होंने झूठी घोषणा पत्र भरकर योजना का लाभ लिया था।

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बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 24 नवंबर 2019 को शुरू की गई थी। इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलता है। जिनकी आय कम है। जो दूसरे के खेत में मजदूरी करते हैं। जिनके कम खेत है। इस योजना के तहत सरकार किसानों के बैंक खाते में हर साल 6000 रुपए जमा करती है 2000 रुपए की 3 बराबर किस्त किसानों के खाते में डाली जाती है। इस योजना का लाभार्थी होने के लिए यह भी जरूरी है कि वह किसान ना आयकर देता हो। ना ही पेंशन का लाभ ले रहा हो।