LOKSABHA ELECTION : टिकट कटने वाले सांसदों के नाम तय, नए चेहरों की तलाश जारी

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में विधानसभा की तरह गलती नहीं दोहराएगी। पार्टी ने खराब परफॉर्मेस, क्षेत्रीय एवं जातिगत समीकरणों के आधार पर करीब एक दर्जन सीटों पर मौजूदा सांसदों के टिकट काटने, सीट बदलने की तैयारी कर ली है। सिर्फ इन सीटों पर नए चेहरों को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है। अभी पार्टी स्थानीय नेताओं से फीडबैक लेकर दावेदारों की सूची तैयार कर रही है। जिसे हाईकमान के पास भेजा जाएगा। इसके बाद टिकट चयन की खानापूर्ति होगी।

मप्र में लोकसभा चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह की ओर से पिछले हफ्ते हाईकमान को मौजूदा सांसदों से जुड़ी रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें उन्होंने करीब एक दर्जन सीटों पर चेहरा बदलने की सिफारिश की। हालांकि उन्होंने रिपोर्ट में संभावित दावेदारों के नाम नहीं भेजे। हाईकमान की ओर से कहा गया है कि जिन सीटों पर टिकट काटा जाना है,उन सीटों पर दावेदारों के नाम तय करें। पार्टी की ओर से कराई गई सर्वे रिपोर्ट से भी इस रिपोर्ट का मिलान होना है। संभवत: अगले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि भाजपा कितने सांसदों का टिकट काटेगी। वहीं जिन सीटों पर चेहरा नहीं बदलना है, वहां जल्द ही प्रत्याशी घोषित हो सकते हैं। 

इनके सीटों पर चेहरा बलदना तय

विदिशा, बैतूल, खजुराहो और देवास में नया उम्मीदवार उतारना तय है। क्योंकि विदिशा सांसद सुषमा स्वराज चुनाव लडऩे से इंकार करा चुकी है। बैतूल सांसद का जाति प्रमाण पत्र अमान्य हो चुका है। देवास और खजुराहो सांसद विधायक  बन चुके हैं। 

इनके कट सकते हैं टिकट

इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन का इस बार टिकट काटा जा सकता है। उन्हें केंद्र में सरकार आने पर राज्यपाल बनाने का भरोसा देकर मनाने की तैयारी है। वहीं मुरैना से नरेन्द्र सिंह तोमर चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा सागर, बालाघाट, सतना, शहडोल, उज्जैन,  राजगढ़, मंदसौर, धार, सीधी, भिंड सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं। 

क्षेत्रवार हुआ मंथन  

लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन एवं चुनावी रणनीति को लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज दिन भर मंथन चला| भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर,नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं संगठन महामंत्री सुहास भगत ने अलग-अलग समय में अलग-अलग संसदीय क्षेत्र के पार्टी नेता एवं दावेदारों से चर्चा की। दिन भर दावेदारों का मेला लगा रहा| कई दिग्गज नेता अपने तो कोई अपने बच्चों के लिए टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं|