महिला स्व-सहायता समूहों को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी मध्य प्रदेश सरकार

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश को लोक कल्याणकारी राज्य के मॉडल के रूप में स्थापित करना है।

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government)) जल्द ही महिला स्व-सहायता समूहों (महिला स्व-सहायता समूहों) को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।आज मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई आत्म-निर्भर मध्य प्रदेश के रोडमेप के अंतर्गत गरीब कल्याण के लिए गठित मंत्री-समूह की बैठक में इसके संकेत दिए गए।

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बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश के जनजाति बाहुल्य 15 जिलों में सड़कों का संधारण महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में कृषि एवं किसान-कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, पशुपालन, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा (School Education Department) तथा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित गरीब कल्याण से संबंधित योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान (Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि मध्य प्रदेश में खाद्यान्न वितरण का दायित्व स्व-सहायता समूहों को सौंपने पर भी विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही गरीबों को तत्काल लाभ देने वाली वनोपज आधारित गतिविधियों और बकरी पालन, मुर्गी पालन जैसी पशुपालन से संबंधित, हितग्राहीमूलक योजनाओं का व्यापक रूप से संचालन भी आवश्यक है।  मंत्री सहित सभी जन-प्रतिनिधि विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से जीवंत संवाद रखें। इससे योजनाओं के संबंध में आवश्यक फीडबैक मिलेगा और उन्हें अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश को लोक कल्याणकारी राज्य के मॉडल के रूप में स्थापित करना है। अत: गरीब और वंचित वर्ग की तात्कालिक सहायता वाली योजनाओं के साथ उनके स्थाई सामाजिक और आर्थिक उन्नयन के लिए हरसंभव प्रयास पूरी गंभीरता से किए जाएँ। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा के साथ स्थाई आजीविका के‍ लिए बहुआयामी गतिविधियाँ संचालित की जाएँ।

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खाद्यान्न वितरण संवदेनशील योजना है। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति इससे वंचित न रहे। खाद्यान्न वितरण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उचित मूल्य दुकानों की मॉनीटरिंग क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों द्वारा कराई जाए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अनियमितता करने वालों के विरूद्ध कालाबाजारी की धाराओं के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाए। गरीबों के लिए दिए जा रहे खाद्यान्न से छेड़छाड़ पर कलेक्टर और SDM नजर रखें। तहसील और विकासखण्ड स्तर पर भी सतर्कता बनाए रखी जाए।

खाद्यान्न वितरण की नवीन श्रेणी में ट्रांसजेंडर्स भी शामिल

बैठक में जानकारी दी गई कि खाद्यान्न वितरण के अंतर्गत नवीन श्रेणी में घरेलू कामकाजी कर्मी, ट्रांसजेंडर्स, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना में सम्मिलित परिवारों और अन्य वंचित वर्ग को जोड़ा गया है। मध्य प्रदेश में 24 हजार 500 दुकानों से बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन वितरण किया जा रहा है। ‘वन नेशन वन राशन’ के अंतर्गत लगभग 4 लाख परिवारों को पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राशन वितरण किया गया है।

पथ-विक्रेताओं को 316 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त ऋण

बैठक में जानकारी दी गई कि शहरी गरीबों के लिए दीनदयाल रसोई योजना के अंतर्गत 119 रात्रिकालीन आश्रय स्थलों का नवीनीकरण किया गया है। दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का विस्तार 407 शहरों तक कर लिया गया है। मध्य प्रदेश में 3 लाख 16 हजार पथ-‍विक्रेताओं को 316 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया है। नगरीय विकास विभाग के अंतर्गत 5,416 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 54 हजार 160 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 27 हजार 452 युवाओं को कौशल विकास के अंतर्गत प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है।