किसानों को सौगात, गेहूं पर 160 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी सरकार

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भोपाल| मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार किसानों को एक और सौगात देने जा रही है| गेहूं के समर्थन मूल्य की खरीदी में किसानों को अतिरिक्त बोनस राशि भी सरकार देगी| सरकार किसानों को गेंहू पर 160 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला ने किया है| इस तरह सरकार 2000 रुपये प्रति क्विंटल पर किसानों का गेहूँ खरीदेगी। जनसम्पर्क विभाग ने इसकी जानकारी दी है| जिसमे बताया गया है कि यह बढ़ी हुई 160 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदेश सरकार अपने बजट से देगी। यह प्रोत्साहन राशि उन किसानों को भी दी जायेगी, जो मण्डी जाकर अपना गेहूँ बेचेंगे। प्रोत्साहन राशि को लेने के लिए किसानों पर सरकारी एजेंसियों को ही गेहूँ बेचने का बंधन नहीं होगा।

जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश में इस बार गेहूँ की बम्पर फसल होने पर भी किसानों को मूल्य कम मिलने की चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं होगी। भारत सरकार ने गेहूँ का समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, लेकिन प्रदेश सरकार 2000 रुपये प्रति क्विंटल पर किसानों का गेहूँ खरीदेगी। यह बढ़ी हुई 160 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदेश सरकार अपने बजट से देगी। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना में केन्द्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है, इसलिए मध्यप्रदेश सरकार प्रयास कर रही है कि भारत सरकार सोयाबीन भावांतर की रोकी हुई लगभग 1000 करोड़ की राशि मध्यप्रदेश सरकार को दे दे, जिससे प्रदेश सरकार अपने हिस्से की राशि जोड़कर किसानों को तत्काल भुगतान कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि भारत सरकार ने यह राशि नहीं दी, तब भी मध्यप्रदेश सरकार किसानों को भावांतर राशि का पूरा भुगतान करेगी।

मक्का भावांतर राशि 250 रू. प्रति क्विंटल  

जनसम्पर्क द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछली भाजपा सरकार ने मक्का के संबंध में भी भावांतर की घोषणा कर दी थी, जिसे भारत सरकार ने अभी तक स्वीकृति नहीं दी है। भारत सरकार के किसान विरोधी रवैये के कारण हमारे प्रदेश के किसानों को पूरा-पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के इस रवैये के बावजूद हम किसानों को पूरा लाभ दिलायेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मक्का की भावांतर राशि जो मंडी में औसत मॉडल बिक्री भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य का अंतर यानि 219 रुपये प्रति क्विंटल आ रही थी, को बढ़ाकर 250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को भुगतान किया जायेगा।

पूर्व सरकार ने किया किसानों को गुमराह: सीएम 

सीएम कमलनाथ ने कहा कि विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने बजट में प्रावधान किये बिना सोयाबीन और मक्के पर 500 रुपये प्रति क्विंटल फ्लैट भावांतर देने की घोषणा की थी। पिछली भाजपा सरकार, भारत सरकार से पैसे मिलने की उम्मीद में सिर्फ घोषणा ही करती रही। इतना ही नहीं भाजपा सरकार ने सोयाबीन पर 500 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा की थी, जबकि आदेश ”500 रुपये प्रति क्विंटल तक” का निकाला था। ऐसा कर तत्कालीन प्रदेश सरकार ने किसानों को गुमराह किया था।

बता दें कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का भरत सरकार ने दाम 1840 रुपए प्रति क्विंटल रखा है। इसमें 160 रुपए बोनस मिलेगा, जो कि प्रदेश सरकार देगी। शिवराज सरकार ने किसानों से 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा था। जिसमें 1735 रुपए समर्थन मूल्य और 265 रुपए बोनस शामिल था। सरकार ने 200 की बजाए 160 रुपए बोनस के रूप में मंजूर करने पर सहमति दे दी है। इसके विधिवत आदेश जल्द जारी हो सकते हैं| 

25 मार्च से होगी खरीदी 

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का काम दो महीने तक चलेगा। 25 मार्च से सभी केंद्रों पर गेहूं खरीदी का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद यह काम 24 मई तक चलेगा। इस बीच किसान अपनी उपज बेच सकेंगे। सप्ताह में पांच दिन तक गेहूं की खरीदी का काम चलेगा। इसके बाद शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। इन दो दिनों में लेखा-जोखा का काम किया जाना है। इस बीच जो गेहूं खरीदा जाएगा उसका परिवहन भी कराया जाएगा।  गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन 14 मार्च तक किये जाएंगे| 

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