वित्तीय संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार, दो माह में 5वी बार ले रही कर्ज

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भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले जनता से किए गए वादों को पूरा करना कमलनाथ सरकार के सामने चुनौती बना हुआ है। खजाना खाली होने के चलते सरकार  वित्तीय संकट के भंवर में फंस गई है , जिसके चलते सरकार वादों को पूरा करने का ऐलान तो कर रही है लेकिन उन्हें पूरा करने में देरी हो रही है। इससे निपटने के लिए सरकार एक बार बाजार से कर्ज उठाने जा रही है। खबर है कि कमलनाथ सरकार मंगलवार को एक बार फिर बाजार से एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। इससे पहले पिछले दो माह में कमलनाथ सरकार चार बार बाजार से कर्ज ले चुकी है।

दरअसल, विधानसभी जीत के बाद सरकार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का फोकस ‘विन 29 ‘  पर है। इसके लिए सरकार चुनाव की आचार संहिता से पहले ज्यादा से ज्यादा वादे पूरा करने में जुटी हुई है।किसान कर्जमाफी की भी प्रकिया चल रही है और आज सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की निधि बढाने के भी आदेश जारी कर दिए है।चुनाव से पहले सरकार की मंशा वादों को पूरा कर जनता को फिर से अपने पक्ष में करने का है। लेकिन वादों को पूरा करने के लिए वित्तिय संकट सरकार के सामने मुश्किल खड़ी किए हुए है।इसके लिए सरकार फिर से एक हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। हैरानी की बात जब बीजेपी की सरकार थी तब कर्ज लेने पर विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस सरकार का जमकर विरोध करती थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद कांग्रेस भी तत्कालीन सरकार के नक्शे कदम पर चल ही है। कर्ज लेने के तरीके में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। सरकार को सत्ता में आए अभी दो महिने ही हुए हैं और अबतक सरकार चार बार में 16 हजार करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है और अब मंगलवार को फिर कर्ज लेने जा रही है।  मंगलवार को मिलने वाले लोन को मिलाकर यह 17 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा। 

वही केंद्र सरकार ने पहले दो हजार करोड़ रुपए केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा कम किया था और अब एक बार फिर इतना ही पैसा केंद्र सरकार कम करने वाली है। इससे खर्चों के लिए सरकार को पैसा जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फंड मैनेजमेंट के लिए ही सरकार ने निगम-मंडलों से उनके खातों में जमा करीब दो हजार करोड़ रुपए सरकार के खजाने में जमा करने को कहा है। बाजार से लिया जाने वाला लोन वित्तीय नियंत्रण एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत ही लिया जा रहा है। राज्य सरकार विकास कार्यों के नाम पर यह पैसा उधार ले रही है, जो दस साल में चुकाया जाएगा।