भोपाल|  चक्रवात महा का असर अभी खत्‍म नहीं हुआ था कि अब चक्रवात बुलबुल का खतरा बढ़ गया है| बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवात ‘बुलबुल” का असर मध्यप्रदेश में नहीं पड़ेगा। लेकिन अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ‘महा’ का असर प्रदेश में जरूर देखने को मिल रहा है| गुरुवार को राजधानी भोपाल समेत राज्य में कई स्थानों पर बारिश हुई| सक्रीय चक्रवाती तूफान ‘महा’ का प्रभाव प्रदेश से कमजोर हुआ है हालांकि, जाते जाते इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केन्द से मिली जानकारी के अनुसार, इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के 23 जिलों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

गुरूवार को प्रदेश में कई स्थानों पर तेज और हल्की बारिश हुई है|  भोपाल में शाम चार बजे तक धूप खिली हुई थी लेकिन इसके कुछ ही देर बाद आसमान में बादल छा गए और शाम 5 बजे से बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश की तेज बौछारें शुरु हो गई। पिछले 24 घंटे में शाजापुर में 14 मिमी, सागर 10, ग्वालियर 0.2, उज्जैन 0.4, गुना 0.7 मिमी तथा झाबुआ, अलिराजपुर, श्योपुर, एवं शिवपुरी में भी बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि तूफान ‘महा’ अभी गुजरात के तट वेरावल से करीब 80 किमी तथा दीव से 70 किमी दूर है। तूफान रात में इन तटवर्ती स्थानों से टकराएगा। इसके असर से पश्चिम मध्यप्रदेश के इंदौर एवं उज्जैन संभागों के जिलों में मध्यम वर्षा हो सकती है। भोपाल एवं होशंगाबाद संभाग में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।

इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुमान के अनसार आगामी 24 घंटों में मध्य प्रदेश के खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, धार, इंदौर, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, बड़वानी, उज्जैन, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर, मंदसौर, भोपाल, सीहोर, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, और श्योपुरकला जिलों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, इनके अलावा शेष बचे जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।