ग्रामीणों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में कमलनाथ सरकार, BJP ने उठाए सवाल

भोपाल।

मध्य प्रदेश के ग्रामीणों को अब सर्टिफिकेट्स बनवाने या जरूरी कागजात निकलवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कमलनाथ सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों में सेवा केंद्र खोलने का फैसला किया है। इस कदम से सहूलियत के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे।निकाय और पंचायत चुनाव से पहले सरकार का ये कदम मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। इन केन्द्रों के माध्यम से कांग्रेस ग्रामीण एरिया को मजबूत करने की कोशिश में है। हालांकि यह फैसला कितना कारगार होगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

वही ग्राम गांधी सेवा केंद्र बनाने को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए है।  भाजपा का कहना है कि  लोक सेवा गारंटी अधिनियम प्रदेश में पहले से ही लागू है, लेकिन अब ये सरकार घोटाले करने के कारण काम नहीं कर पा रही है।सरकार केवल और केवल प्रोपेगेंडा करने में व्यस्त है। इसे महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र के नाम से शुरू किया जाएगा। पहले इसे लागू करने के लिए कमलनाथ सरकार ने इंदिरा गांधी यानि 19 नवंबर का दिन चुना था लेकिन नेटवर्किंग सहित अन्य जरूरी सुविधाओं के मद्देनजर इसे रोक दिया गया है।हालांकि नई तारीख क्या होगी अभी तय नही लेकिन माना जा रहा है कि अब इसे एक साथ पूरे प्रदेश में 26 जनवरी से लागू किया जा सकता है।

क्या होगा फायदा

 इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पांच हजार पंचायतों को चिन्हित भी कर लिया है।इनमें खसरा, खतौनी, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य ऐसे दस्तावेज निश्चित समयसीमा में मिलेंगे, जिनके लिए लोक सेवा गारंटी कानून के तहत मियाद तय है।जीटूबी सेवाओं में ग्राम पंचायतों में शासन से वाणिज्य के लिए दी जाने वाली सेवाएं यथा कोर बैंकिंग, डाक सेवाएं, केवल मनोरंजन सेवाएं, रेल, बस, हवाई जहाज यात्रा टिकट बुकिंग, परीक्षा परिणाम, हितग्राहियों को भुगतान इत्यादि सेवाएं शासन पंचायत द्वारा निर्धारित शुल्क में दी जाएगी। जीटूजी सेवाओं के तहत ग्राम पंचायत द्वारा केंद्र व राज्य शासन से संबंधित समस्त जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। पंचायती राज द्वारा विकसित सॉफ्टवेयरों की जानकारी प्रविष्टि करना, मनरेगा के मिस. ऑडिट सॉफ्टवेयर में जानकारी प्रविष्ट करना व समय समय पर शासन द्वारा वांछित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। पंचायत भवन के एक कक्ष में केंद्र की स्थापना कर प्रत्यक्ष तौर पर 23 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

पंचायत स्तर पर पंचायती सिस्टम बनने जा रहा है। प्रदेश की कमलनाथ धीरे-धीरे महात्मा गांधी और राजीव गांधी के सपनों को साकार कर रही है। उनके बताए कदमों पर ही सरकार अब लगातार आगे बढ़ रही है। ग्रामीणों को पंचायत स्तर ही सारी सुविधाएं जल्द मिलेंगी।

पीसी शर्मा, जनसंपर्क मंत्री , मप्र