कोरोना कर्फ्यू से पहले भोपाल में बड़ा धमाका, 1456 नए पॉजिटिव केस, 5 की मौत

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। इंदौर (Indore) के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे है।एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना (Coronavirus) के 6 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं, वही आज सोमवार को भोपाल में आई स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 1456 नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए है और 5 की मौत हुई है।इधर, इन भयावह आंकड़ों के बाद भोपाल में मंगलवार से 19 अप्रैल तक एक हफ्ते का कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया है।

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स्वास्थ्य विभाग के सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आज रविवार शाम से सोमवार रात तक में 5200 सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 1456 नए पॉजिटिव केस मिले। इस दौरान 5 लोगों की मौत भी हुई। वही पिछले 24 घंटे में 824 नए केस सामने आए है और 3 की मौत हुई है। इन आंकड़ों के बाद भोपाल में संक्रमितों की संख्या 60 हजार के करीब पहुंच गई है और वर्तमान में साढे 5 हजार से ज्यादा एक्टिव केस है।

भोपाल कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अविनाश लवानिया (Bhopal Collector Avinash Lavania) ने भोपाल जिले की राजस्व सीमा में सोमवार रात 9 बजे से 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक धारा 144 के तहत कोरोना कर्फ्यू के आदेश जारी कर दिये हैं। इस दौरान सभी व्यवसायिक संस्थान, दुकानें, मार्केट, निजी कार्यालय, शिक्षा संस्थान, कोचिंग आदि बंद रहेंगे। यह आदेश भोपाल नगर निगम और बैरसिया नगर पालिका क्षेत्र पर लागू रहेगा।भोपाल नगर निगम व बैरसिया नगर पालिका क्षेत्र में आज सोमवार 12 अप्रैल को रात 09:00 बजे से 19 अप्रैल 2021 प्रातः 06.00 बजे तक कोरोना कर्फ्यू रहेगा। समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेगे एवं सामान्य आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

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भोपाल कलेक्टर  ने कहा कि पिछले कुछ समय से भोपाल जिले में कोरोना संक्रमण में लगातार वृद्धि हो रही है इस संदर्भ में समय-समय पर अनेक कदम संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए है, किन्तु फिर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 (5 ) के अंतर्गत अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा, अत्यंत विशेष परिस्थितियों में अद्योहस्ताक्षरकर्ता के संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा।

भोपाल कलेक्टर  ने कहा कि रात्रि कर्फ्यू एवं अन्य समय-समय पर जारी प्रतिबंधात्मक आदेश पूर्ववत लागू रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।आज जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग में दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कोरोना कर्फ्यू लागू करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

इन गतिविधियों को छूट रहेगी

  • कोरोना कर्फ्यू के दौरान अन्य राज्यों एवं जिलों में माल तथा सेवाओं का अवागमन। अस्पताल, नर्सिंग होम, मेडिकल इन्श्योरेंस कम्पनीज, अन्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं।
  • केमिस्ट, किराना दुकानें (केवल घर पहुँच सेवा/ होम डिलीवरी) पेट्रोल पम्प, बैंक एवं एटीएम, दूध एवं सब्जी की दुकाने तथा ठेले (हाट बाजार छोड़कर )।
  • औधोगिक मजदूरो, उद्योग हेतु कच्चा/ तैयार माल, उद्योग के अधिकारियो/ कर्मचारियों का आवागमन। एम्बूलेन्स, फायर ब्रिगेड, टेली-कम्यूनिकेशन, विद्युत प्रदाय, रसोई गैस, होम डिलेबरी सेवायें, दूध एकत्रीकरण/ वितरण के लिये परिवहन।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें। केन्द्र सरकार, राज्य सरकार एवं स्थानिय निकाय के अधिकारियों/ कर्मचारियों का शासकीय कार्य से किया जा रहा आवागमन।
  • इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, कारपेंटर आदि के द्वारा सेवा प्रदाय के लिये आवागमन। कन्स्ट्रक्शन गतिविधियां (यदि मजदूर कन्स्ट्रक्शन/ परिसर में रूके हों) कृषि संबंधी सेवायें (जैसे उपार्जन, बीज, कीटनाशक दवायें, कस्टम हायरिंग सेन्टर, कृषि यंत्र की दुकाने आदि ), परीक्षा केन्द्र आने एवं जाने वाले प्रशिक्षार्थी तथा परीक्षा केन्द्र एवं परीक्षा आयोजन से जुड़े कर्मी, अधिकारीगण।
  • अस्पताल/ नर्सिंग होम और टीकाकरण हेतु आवागमन कर रहे नागरिक/ कर्मी। राज्य शासन द्वारा फसलों के उपार्जन कार्य से जुड़े कर्मी तथा उपार्जन स्थल आवागमन कर रहे किसानबंधु। बस स्टेण्ड, रेल्वे स्टेशन, एयरपोर्ट से आने- जाने वाले नागरिक। आईटी कम्पनियों, बीपीओ/ मोबाईल कम्पनियों का सपोट यूनिट्स। अखबार वितरण एवं पत्रकारगण।
  • होटल (केवल इन-रूम डायनिंग व्यवस्था के साथ ) को छूट प्रदान की गई है।
  • भोपाल जिले में अनेक सामाजिक/ राजनीतिक/ धार्मिक संगठनो द्वारा भी पत्र लिखकर कड़े प्रतिबंधात्मक कदम उठाने के लिए अनुरोध किया है। इसी कड़ी में अन्य प्रतिबंधात्मक कदम उठाना आवश्यक हो गया है, ताकि नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके व कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सके।
  • शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों और मीडिया संस्थान के पत्रकारों को (आई डी कार्ड के साथ ) कार्यस्थल पर आने-जाने के लिए अनुमति रहेगी।