किसानों की कमाई डकारने वाले व्यापारियों पर शिकंजा, मंडी कर्मचारी भी रडार पर

mandi

भोपाल।

किसानों के साथ छल करने वाले व्यापारी और मंडी कर्मचारियों की अब खैर नही है। मंडी बोर्ड ने फसल खरीदी के नाम पर किसानों के करोड़ों रुपए डकारने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शुरु कर दिया है। खास बात तो ये है कि इस ठगी के खेल में व्यापारियों के साथ मंडी कर्मचारियों की भी सांठगांठ रही।करीब 50 से अधिक मंडी कर्मचारी बोर्ड के निशाने पर आ गए है। वही बोर्ड ने व्यापारियों संपत्ति कुर्क कर नीलाम करने का फैसला किया है। बोर्ड के इस फैसले के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही किसानों को उनके हक का पैसा मिल जाएगा।

दरअसल,कृषि उपज मंडियों में प्रदेश के करीब 900 किसानों के व्यापारी पांच करोड़ डकार कर गायब हो गए है।पिछले दो सालों में दर्जनों व्यापारियों ने किसानों को फसल बेचने के नाम पर चूना लगाया और फर्म समेत गायब हो गए। व्यापारी अपना ठिकाना छोड़ कहां गए किसी को पता नही, लेकिन अपने हक के पैसों के लिए किसान उन्हें दर दर ढूंढ रहे है। इस मामले में पुलिस मे भी शिकायत हुई लेकिन अबतक कोई व्यापारी पुलिस के जाल में फंसा नही। हैरानी की बात तो ये है कि ठगी के इस खेल में मंडी कर्मचारियों की भी भूमिका अहम रही। उन्होंने ही व्यापारी और किसानों के बीच सौदे करवाए।

वही इस मामले में अब मंडी बोर्ड ने गंभीरता दिखाते हुए व्यापारियों और कर्मचारियों पर एक्शन लेना शुरु कर दिया है। जहां व्यापारियों की प्रापर्टी नीलाम कर किसानों का बकाया चुकाया जा रहा है वही मंडी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा धार जिले के किसान इस ठगी का शिकार हुए है। यहां चने बेचने गए करीब 200  किसानों के 500  करोड़ मंडी व्यापारियों की सांठगांठ से व्यापारियों ने हजम किए है।इसकी कलेक्टर, पुलिस और मंडी अधिकारियों से भी की गई है।कार्रवाई के बाद कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

 इन किसानों ने लगाई न्याय की गुहार

प्रदेश की 19  मंडियों के 1610  किसानों ने न्याय की गुहार लगाई है। इसमें सबसे ज्यादा रायसेन, खातेगांव , भोपाल, खिरकिया, देवास, खरगोन, सनावद, खंडवा और अशोकनगर के किसान परेशान है। इनमें से कईयों ने तो पुलिस में एफआईआर भी दर्ज की है।

यहां के व्यापरियों की फर्म कुर्क करने की तैयारी, एफआईआऱ भी हुई

-खिरकिया की महावीर एजेंसी की 52  लाख की प्रापर्टी

-खातेगांव के साकेत कुमार महेन्द्र कुमार की 50  लाख की प्रापर्टी

-सनावद की मेसर्स ट्रेडिंग पर बकाया 39  लाख 

-धार की न्यू नवरत्न ट्रेडर्स पर 44  लाख 85  हजार बकाया होने पर एफआईआर

-खंडवा में संत सिंगाजी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर पर एफआईआर(वर्तमान में जेल में)

-भोपाल की सियाराम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर पर केस दर्ज