मंदसौर गोलीकांड: किसानों की मौत पर सेंकी गई राजनीतिक रोटियां, अब भूले

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भोपाल। प्रदेश में मंदसौर गोलीकांड को चुनावी मुद्दा बनाकर सत्ता में आई मृतक कांग्रेस गोलीकांड की दूसरी बरसी पर किसानों को पूरी तरह भूल गई है। गोलीकांड की पहली बरसी पर कांग्रेस ने मंदसौर के हाटपिपल्या में बड़ा आयोजन किया था। वहां पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मृतक किसानों को श्रद्धाजलि भी दी थी। इसी दिन गांधी ने प्रदेश में सरकार आने पर 10 दिन के भीतर किसानों के कर्जमाफी का ऐलान किया था। जिसे कांग्रेस ने चुनाव में खूब भुनाया। अब चूंकि कांग्रेस सरकार में है, लेकिन गोलीकांड की बरसी पर किसानों को याद तक नहीं किया गया है। 

मंदसौर के हाटपिपल्या में तत्कालीन शिवराज सरकार में किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर गोली चली थी। जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई। इस गोलीकांड के बाद से ही शिवराज सरकार की विदाई की शुरूआत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही कांग्रेस ने गोलकांड को भुनाया। पिछले साल गोलीकांड की पहली बरसी पर कांग्रेस ने मंदसौर में बड़ी सभा की थी। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया था कि मप्र में कांग्रेस की सरकार आने पर 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। कांग्रेस ने गोलाकांड को विधानसभा चुनाव में खूब भुनाया। नतीजा प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार आ गई, लेकिन अभी तक किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। जबकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने 6 महीने हो गए हैं। 

न किसान नेता पहुंचे न राजनेता

गोलीकांड की बरसी पर मंदसौर में कोई भी बड़ा आयोजन नहीं है। यहां न तो किसी राजनीतिक दल के नेता पहुंचे हैं और न हीं किसी किसान संगठन के नेता किसानों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। किसान संगठनों ने स्थानीय इकाइयों पर यह जिम्मेदारी सौंप दी है। वहीं किसान नेता राजू शेट्टी, बीएम सिंह, डॉ.सुनीलम और डीपी धाकड़ बूढ़ा गांव पहुंचेंगे और मृतक किसानों को श्रद्धांजलि देंगे। भारतीय किसान यूनियन भोपाल में कार्यक्रम करेगा और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगा। उल्लेखनीय है कि 6 जून 2017 को मंदसौर के हाटपिपल्या में किसान आंदोलन को काबू में करने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाई थी। इसमें छह किसानों की मृत्यु हुई थी। इस कांड ने पूरे देश में शिवराज सरकार की खूब बदनामी कराई थी। बिगड़ते हालात को काबू में करने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठ गए थे।

राजनेताओं ने खूब बहाए घडिय़ाली आंसू

किसान गोलीकांड में मारे गए किसानों की मौत पर राजनेताओं ने घडिय़ाली आंसू खूब बहाए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने भोपाल में उपवास किया था, तभी उन्होंने मृतक किसानों के परिजन ने मंच पर आकर उनका उपवास तुड़वाया और न्यायिक जांच के आदेश किए गए। कांग्रेस ने इस घटना को जमकर भुनाया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मंदसौर पहुंचने पर भी जमकर सियासत हुई। उनके काफिले को जाने नहीं दिया तो वे मोटर साइकल पर सवार होकर आगे बढ़ गए। विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले पिछले साल छह जून को गोलीकांड की पहली बरसी पर राहुल गांधी आए और मंदसौर में सभा कर किसानों की कर्ज माफी का मास्टर स्ट्रोक खेल गए। इसका असर यह हुआ कि सूबे में कांग्रेस की सरकार बन गई। राहुल समेत पूरी कांग्रेस ने मंदसौर गोलीकांड की आड़ में भाजपा सरकार को किसान विरोधी साबित करने की भी पूरी कोशिश की। यह अलग बात है कि किसान विरोधी सरकार का तमगा लगने के बावजूद भाजपा का मंदसौर के मतदाताओं ने खुलकर साथ दिया।

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