राजधानी में प्रशासन के फैसले के विरोध में खुले कई मन्दिर

भोपाल

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) की राजधानी में बढ़ते कोरोना संकट के बीच 8 जून से धर्मस्थलों को ना खोलने का विचार किया गया था। जिसको लेकर भोपाल(bhopal) के कलेक्टर तरुण पिथोड़े (Collector Tarun Pithode) ने शहर में धार्मिक स्थलों को नहीं खोले जाने का निर्णय लिया था। जिसमे कहा गया था कि भोपाल और जबलपुर(jabalpur) में धर्म स्थान नहीं खुलेंगे लेकिन कलेक्टर के आदेश के बावजूद जिले में कई मंदिर खोले गए हैं। वहीँ मंदिर के पुजारियों ने कहा कि शॉपिंग मॉल – शराब की दुकानों को खोला जा रहा है। तो मंदिरों(temples) को खोलने में क्या दिक्कत है।

दरअसल देश भर में 8 जून से मठ, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे और शिवालय सब खुलने जा रहे हैं। लेकिन भोपाल और जबलपुर में कोई भी धार्मिक स्थल नहीं खोला जाएगा। यह निर्णय रविवार दोपहर को कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने लिया था। लेकिन इस फैसले के विरोध में माँ वैष्णो धाम आदर्श नौ दुर्गा मंदिर खोला गया। जिसके बाद मन्दिर संचालक चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हमें नहीं पता कलेक्टर ने किसके साथ बैठक की है। इसके साथ ही चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि जब शॉपिंग मॉल खोल सकते हैं। बाकी सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान खोल सकते हैं तो मंदिर क्यों नहीं खोले जा सकते हैं। उन्होंने कहा भक्त और भगवान का अटूट रिश्ता है।| भक्तों के बगैर भगवान अधूरे और भगवान के बगैर भक्त अधूरा है।

इधर कलेक्टर ने कहा था कि भोपाल के धर्मगुरुओं के साथ उनकी चर्चा हुई है और इसके पश्चात निर्णय लिया गया है। लेकिन भोपाल के सभी प्रसिद्ध मंदिर के मठाधीश या पुजारी उस बैठक में उपस्थित नहीं थे। कलेक्टर साहब ने यह भी कहा है कि मंदिरों में अभी व्यवस्था नहीं है और व्यवस्था होने के बाद मंदिर खोले जाएंगे। कलेक्टर साहब से निवेदन है कि लगभग सभी मंदिर खुलने के लिए तैयार हैं। चाहे बिरला मंदिर और गुफा मंदिर हो भवानी चौक हो कालीघाट हो। आदर्श नो दुर्गा मंदिर और श्रीजी मंदिर हो। सभी मंदिरों में व्यवस्था है।