भूपेन्द्र सिंह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के निर्देश के बाद लगातार विभागों में समीक्षा बैठक की जा रही है। मंत्री अपने-अपने विभागों के कार्यों का जायजा ले रहे हैं। इसी बीच पिछले दिन नगरीय प्रशासन मंत्री (Urban Administration Minister) ने विभाग कार्यों की समीक्षा बैठक की। इसके साथ ही उन्होंने कार्य में देरी पर संबंधित एजेंसियों (agencies) के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

दरअसल विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह (bhupendra singh) ने एजेंसी के अधिकारियों को योजनाओं में देरी से काम करने पर फटकार लगाई है। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि योजना में देरी से काम करने वाले एजेंसी को टर्मिनेट (terminate) किया जाएगा। इसके साथ ही उसकी बैंक गारंटी भी जब्त की जाएगी। इतना ही नहीं भूपेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि योजनाओं की सही डीपीआर (DPR) नहीं बनाने वाले कंसलटेंट पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि लगातार कार्यों का निरीक्षण करें।

बता दें कि नगरीय प्रशासन विभाग में अर्बन डेवलपमेंट कंपनी वर्ल्ड बैंक (Urban Development Company World Bank), एडीबी बैंक (ADB Bank) के सहयोग से जल प्रदाय की 107 योजना पर काम कर रहे हैं। वर्ष 2016-17 से शुरू हुए योजना में देरी और लापरवाही की खबर लगातार सामने आती रही है। बावजूद इसके अभी तक कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके साथ ही सीवेज और मिनी स्मार्ट सिटी के योजनाएं भी लंबित है। यह ऐसी योजनाएं हैं। जिन पर कार्य 2019 में पूरा हो जाना था लेकिन वह अब तक जारी है। जिसपर समीक्षा बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने नाराजगी जताई है।

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इसी के साथ विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों को विभाग में उपस्थित रहने को कहा है। इसके अलावा विभाग में हो रहे कार्यों को लगातार निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी बात कही है।

गौरतलब हो कि पिछले दिनों मंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी विभागीय मंत्रियों को अपने-अपने विभाग की योजनाओं को समय पर पूरा करने तथा उसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के भी आदेश दिए गए थे। जिसके बाद विभागीय मंत्री लगातार समीक्षा बैठक कर रहे और लंबित योजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जा रही है।