भोपाल।

कांतिलाल भूरिया के आज विधायक पद के शपथ लेने के बाद एक बार फिर पीसीसी चीफ को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई है। कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और कट्टर समर्थक मानी जाने वाली इमरती देवी ने एक बार फिर पीसीसी चीफ के लिए सिंधिया के नाम की वकालत की है।इमरती देवी का कहना है कि वे पहले से यह मांग करती रही हैं। शायद इस बार उनकी सुनी जाए।

दरअसल, अभी तक प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सिंधिया का नाम सबसे आगे चल रहा था।अबतक कयास लगाए जा रहे थे कि उपचुनाव के बाद सिंधिया को पीसीसी चीफ की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन इसके पहले ही कमलनाथ सरकार में लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने नवनिर्वाचित विधायक कांतिलाल भूरिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर नई बहस छेड दी है। मंत्री वर्मा के बयान के बाद से ही कांग्रेस में हलचल मची हुई है। वही सिंधिया समर्थकों में भी बैचेनी बढ गई है।इसी बीच आज भोपाल पहुंची कैबिनेट मंत्री इमरती देवी से इस बार में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीसीसी चीफ  सिंधिया को ही बनाया जाना चाहिए। मैं तो शुरुआत से ही सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग कर रही हूं। कोई भी मंत्री किसी को भी पीसीसी चीफ बनाने की मांग करता रहे, लेकिन मैं तो शुरू से लेकर अब तक सिंधिया को ही पीसीसी चीफ बनाने की मांग कर रही हूं, और लगता है कि शायद इस बार मेरी भी सुनी जाए।

हाईकमान करेगा फैसला-भूरिया

 जब इस मामले में बुधवार को कांतिलाल भूरिया से सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि फिलहाल तो पीसीसी चीफ की कुर्सी भरी है, सीएम कमलनाथ प्रदेशाध्यक्ष हैं।वैसे भी पार्टी में पीसीसी चीफ के बारे में फैसला आलाकमान को लेना है, इसलिए मैं क्या कहूं।

यहां बता दें कि पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया हाल ही में झाबुआ विधानसभा उप चुनाव में 27,804 वोटों के भारी अंतर से चुनाव जीते हैं। ऐसे में उनका प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति में कद और बढ़ गया है। वही मंत्री वर्मा ने भी उनका नाम पीसीसी चीफ के लिए आगे बढ़ाकर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि आगे की समीकरणों को भांपते हुए सिंधिया समर्थक भी सतर्क हो चले है और उन्होंने फिर से लॉबिंग शुरू कर दी है। इसमें सबसे आगे सिंधिया की कट्टर समर्थक और बेबाक इमरती देवी है, जो शुरु से ही यह कहती आ रही है कि सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाए।ऐसे में चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर कांग्रेस में गुटबाजी हावी होती नजर आ रही है।आने वाले दिनों में पीसीसी चीफ को लेकर फिर कांग्रेस में घमासान मच सकता है।