जब बीच बैठक में कमलनाथ के मंत्री ने छुए सब इंजीनियर के पैर…

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।
नाले में उतरकर कीचड़ साफ करने, सड़कों पर सफाई अभियान चलाने और बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले प्रदेश के खाद्य मंत्री (Food Minister)ने नगर निगम(municipal Corporation) के सब इंजीनियर के पैर छूकर उस समय सबको चौंका दिया जब वे अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। मंत्री(minister) ने अधूरे विकास कार्य की जानकारी मांगी जिसका जवाब सब इंजीनियर(Sub engineer) ने दिया लेकिन मंत्री जी नाराज हो गए और उन्होंने कुर्सी से उठकर सब इंजीनियर के पैर छू लिए। इतना ही नहीं नाराज मंत्री ने बैठक से ही नगरीय विकास आयुक्त पीएचई(Urban Development Commissioner PHE) के पीएस को फोन कर तीन अधिकारियों को हटाने के लिए कहा। खास बात ये रही कि जब ये सब हुआ उससे पहले ही मंत्री तोमर ने मीडिया को बाहर कर दिया था।

दरअसल अपने विधानसभा(vidhansabha) क्षेत्र के विकासकार्यों को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Food and Civil Supplies Minister Pradyuman Singh Tomar)हमेशा संजीदा रहते हैं। वे पिछले कुछ समय से लगातार इस बात के लिए नाराजगी जता रहे हैं कि उनके क्षेत्र में कई का ऐसे हैं जिनका भूमिपूजन हुए बहुत समय बीत गया लेकिन उसकी शुरुआत नहीं हुई। इसे लेकर वे कई बार नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। क्षेत्रीय लोगों की लगातार शिकायत के बाद प्रद्युम्न सिंह तोमर ने नगर निगम अधिकारियों की बैठक बुलाई। बाल भवन में जब बैठक शुरू हुई तब मंत्री की त्योरियाँ चढ़ी हुई थी। उन्होंने सब इंजीनियर शिशिर श्रीवास्तव से पूछा कि मैंने जून 2019 में बदनापुरा में सीवर लाइन का भूमिपूजन किया था अब तक उसका काम शुरू क्यों नहीं हुआ।

सब इंजीनियर ने जवाब दिया कि लेवलिंग में परेशानी है इसलिए। सर्वे के बाद ही इसका का शुरू हो सकेगा। जवाब सुनकर मंत्री नाराज हो गए, वे अपनी कुर्सी से उठे और पास ही में बैठे सब इंजीनियर शिशिर श्रीवास्तव के पैर छू लिए। ये सब इतना जल्दी में हुआ कि सब हक्के बक्के रह गए। चूंकि इस समय बैठक में कोई मीडियाकर्मी नहीं था इसलिए ये घटना कैमरे में कैद नहीं हुई। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में अधिकारियों के जवाब से मंत्री इतने नाखुश हो गए कि उन्होंने वहीं से नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त पी नरहरि को फोन लगाकर नगर निगम के बिजली विभाग के प्रभारी देवी सिंह राठौर, और जोनल ऑफिसर राजेंद्र शर्मा एवं संजीव झा को हटाने के लिए का दिया। इसे अलावा मंत्री ने पीएचई के पीएस संजय शुक्ला से फ़ोन पर बात कर पीएचई इंजीनियर संदीप श्रीवास्तव को हटाने के लिए कहा। खास बात ये है कि मंत्री की नाराजगी के समय बैठक में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन भी मौजूद थे लेकिन मंत्री का गुस्सा उनपर नहीं निकला। आश्चर्यजनक बात ये रही कि इतनी लंबी बैठक के बाद जब बाहर खड़ी मीडिया ने मंत्री से बैठक में दिए निर्देशों के विषय में पूछा तो उन्होंने बैठक लेने से ही इंकार कर दिया बस इतना कहा कि मैंने बैठक नहीं ली सिर्फ अनौपचारिक चर्चा करने आया था। बैठक के बाद नगर निगम के जनसंपर्क विभाग ने इसका प्रेस नोट भी जारी नहीं किया।