मंत्रियों के जवाब पर कांग्रेस में घमासान, सिंघार का दिग्विजय पर पलटवार

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भोपाल | मंदसौर गोलीकांड और नर्मदा किनारे पौधरोपण के मामले में विधानसभा में दिए गए जवाब पर सियासत गरमा गई है| एक तरफ विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी की है| वहीं कांग्रेस में अंदरखाने सियासी तूफ़ान खड़ा हो गया है| पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा मंत्रियों को नसीहत देने के बाद वनमंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय पर पलटवार किया है| उन्होंने इस मामले पर दिग्विजय को चिट्ठी लिख दी है|  बुधवार को सिंघार ने सिंह को पत्र लिखकर उनके बयान पर आपत्ति जताई। वहीं, सिंह ने कहा कि उन्होंने सही जवाब नहीं देने पर बेटे जयवर्धन को भी डांटा है।  

मंदसौर गोलीकांड और पौधरोपण मामले में गृहमंत्री बाला बच्चन और वन मंत्री उमंग सिंघार के जवाब पर दिग्विजय सिंह ने नाराजगी जताई थी| दिग्विजय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि किसने कहा पौधरोपण में भ्रष्टाचार नहीं हुआ| मैं खुद 3600 किलोमीटर पैदल चला हूँ, मंत्री बताये वो कितने किमी चले| दिग्विजय के इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई| वहीं विधानसभा में भी मंत्रियों के जवाब पर दिग्विजय के हस्तक्षेप और सदन के बाहर मंत्रियों के जवाब देने पर विपक्ष ने सरकार की जमकर घेराबंदी की और पीसीसी से सरकार चलाने के आरोप लगाए|  जिसके बाद वनमंत्री उमंग सिंघार ने भी दिग्विजय को चिट्ठी लिखकर नसीहत दे डाली| 

सिंघार ने दिग्विजय को नसीहत देते हुए कहा कि आपको सभी के साथ न्याय करना चाहिए और प्रदेश में पार्टी कैसे मजबूत हो, इसके लिए सोचना चाहिए। गौरतलब है कि उमंग सिंघार कांग्रेस की गुटीय राजनीति में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नजदीकी माने जाते हैं। सिंघार ने दिग्विजय को चिठ्ठी के साथ नर्मदा किनारे रौपे गए पौधों का भौतिक सत्यापन करवाने के निर्देश और अन्य कागज भी सौंपे हैं। सिंघार ने कहा कि इस मामले में एक महीने में रिपोर्ट मांगी गई है। सिंघार ने कहा कि मैंने इस मामले में पूरी गंभीरता और संजीदगी से जवाब दिया है। 

सज्जन ने किया कटाक्ष, मंत्री का जवाब-15 साल से एमएलए हूं

मंत्रियों के जवाब पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ|  मंदसौर गोलीकांड, सिंहस्थ घोटाले और पौधरोपण में भ्रष्टाचार के मामले पर सरकार के यूटर्न से सियासत गरमा गई| मामला गरमाने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि दोषी बचेंगे नहीं| जिसके बाद विपक्ष ने भी सरकार का घेराव किया और दिग्विजय सिंह को भी लपेटे में लिया| मंत्रियो के जवाब से सरकार की किरकिरी हुई और कांग्रेस में अंदरखाने ही घमासान शुरू हो गया| लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी कटाक्ष किया और कहा- मंत्रियों को अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। वे अधिकारियों के भरोसे न रहें। सिंह को मंत्रियों को ट्रेनिंग देनी चाहिए। इस पर वन मंत्री उमंग सिंघार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मैं भी 15 साल से एमएलए हूं, अध्ययन करना आता है।