MP Assembly: मध्यप्रदेश में अब जिहादी लव हुआ अपराध, धर्म स्वतंत्र विधेयक को मंजूरी

महिला दिवस (International Women's Day) के मौके पर मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) का इसे प्रदेश की महिलाओं को बड़ा तोहफा माना जा रहा है ।

मप्र विधानसभा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में अब धर्म छुपा कर किसी को धोखे से प्यार के जाल में फंसा कर शादी(Marrige) करना अपराध होगा। विधानसभा(MP Assembly) ने सोमवार को मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्र (धार्मिक स्वतंत्रता) विधेयक 2020 (Madhya Pradesh Religious Freedom Bill-2020) को मंजूरी दे दी। महिला दिवस (International Women’s Day) के मौके पर मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) का इसे प्रदेश की महिलाओं को बड़ा तोहफा माना जा रहा है ।

यह भी पढ़े.. MPPSC: मुख्य परीक्षा 2019 से जुड़ी काम की खबर, 15 मार्च को जबलपुर हाईकोर्ट मे सुनवाई

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के गृह जेल एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) ने कहा कि महिला दिवस पर सभापति के रूप में एक महिला की उपस्थिति में इस विधेयक का पारित होना, इससे अच्छा तोहफा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शायद कोई हो नहीं सकता।अब इस विधेयक को राज्यपाल (MP Governor) के पास भेजा जाएगा और मंजूरी होते ही यह कानून बन जाएगा।

इस बिल में कड़े प्रावधान किए गए हैं और धर्म को छुपा कर किसी को धोखा देकर शादी करने वाले को 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।इसके साथ ही एक लाख रू का जुर्माना भी किया जाएगा।यह विधेयक कुछ मायनो में उत्तर प्रदेश (UP) की बीजेपी सरकार (BJP Government) द्वारा अध्यादेश के माध्यम से लाए गए उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अध्यादेश 2020 के बराबर है।

यह भी पढ़े.. MP Weather: नया सिस्टम बदलेगा मप्र का मौसम, बादल छाने के साथ बारिश के आसार

नरोत्तम का कहना है कि इसके अमल में आने के बाद देश में सबसे कड़ा कानून मध्य प्रदेश (MP) का होगा।इस कानून के बनने के साथ ही मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता कानून 1968 समाप्त हो जाएगा।इस विधेयक का कांग्रेस ने विरोध किया।कांग्रेस के सदस्यों ने इसे बीजेपी की समाज बाटने की नीति और धर्मान्धता का उदाहरण बताते हुए सदन से वाकआउट किया।

इस पर रोष व्यक्त करते हुए नरोत्तम ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी मानसिकता एक बार फिर बता दी है कि वह किस तरह से पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में है और समाज को बांटने और तोड़ने के अलावा उसका कोई काम नहीं।महिला दिवस के अवसर कांग्रेस (MP Congress) का यह कदम निश्चित रूप से जन भावनाओं के विपरीत है।

इस कानून के अंतर्गत धर्म परिवर्तन करा कर शादी करने वाले व्यक्ति को कलेक्टर (Collector) को 60 दिन पहले सूचना दिया जाना अनिवार्य है और ऐसा नहीं करने पर कम से कम 3 साल की और अधिकतम 5 साल की सजा व 50000 रू का जुर्माना प्रावधान किया गया है।यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक बार इस अधिनियम का उल्लंघन करते पाया गया तो उसे 5 से 10 साल के कारावास का सामना करना पड़ेगा।

यह भी पढ़े.. Sex Racket: डॉक्टर के घर पुलिस की दबिश से हड़कंप, आपत्तिजनक सामान के साथ 5 गिरफ्तार

इस अधिनियम में कार्रवाई के लिए धर्मांतरण के लिए बाध्य किये गए पीड़ित व्यक्ति अथवा उसके माता पिता व भाई बहन या गार्जियन शिकायत कर सकते हैं।इस कानून का उल्लंघन करने वाली किसी भी शादी को शून्य माना जाएगा और ऐसा करने वालों को महिला और उसके बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी दी गई है।ऐसे विवाह से जन्मे बच्चे माता पिता की संपत्ति के उत्तराधिकारी होंगे।ऐसा विवाह कराने वाली संस्था या संगठन को भी सजा दिए जाने का प्रावधान है।यह अपराध गैर जमानती होगा और सब इंस्पेक्टर से कम श्रेणी का अधिकार इसकी जांच नहीं कर सकेगा।