…..तो इसलिए तय समय से पहले खत्म हो सकता है एमपी विधानसभा का सत्र

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भोपाल

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत 14 दिवगंतों को सत्तापक्ष कांग्रेस और विपक्ष भाजपा द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।इससे पहले उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से हिना कांवरे और भाजपा से जगदीश देवड़ा ने नामांकन फॉर्म भरा।अब डिप्टी स्पीकर पद के लिए गुरुवार को चुनाव होगा। ऐसे में जोरदार हंगामे के भी आसार है। इस दौरान गृहमंत्री बाला बच्चन ने पांच दिन चलने वाले सत्र को 10 जनवरी को ही खत्म होने के संकेत दिए।उन्होंने कहा कि  विधानसभा सत्र तय समय से पहले खत्म होगा।खबर है कि यह फैसला भाजपा के चलते लिया गया है।

दरअसल, 11  जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होनी है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज समेत कई नेता शामिल होने वाले है।इसी के चलते बीजेपी ने मांग की है कि सत्र तय समय से एक दिन पहले 10  जनवरी को समाप्त किया जाए। मीडिया से चर्चा के दौरान गृह मंत्री बाला बच्चन ने भी इस बात के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र तय समय से पहले खत्म होगा,  बीजेपी नेताओं की मांग पर सत्र की अवधि को कम किया गया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही कि उपाध्यक्ष के चुनाव के साथ ही 10 जनवरी को सप्लीमेंट्री बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा होगी।  

सदन की कार्यवाही कल तक स्थगित 

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही गुरूवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी बड़े दिल के इंसान थे। अटल जी ने राजनीतिक क्षेत्र में उदाहरण पेश किया। वही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कह कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जब बोलते थे तो ऐसा लगता था मानो कविता सुना रहे है, वो उदार चरित्र और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। अटल जी की विदिशा से लोकसभा सीट खाली करने के बाद वहां से ही मै लोकसभा का चुनाव लडा था।

गुरुवार को तय होगा किसको मिलेगा उपाध्यक्ष का पद

नवगठित 15वीं विधानसभा के तीसरे दिन बुधवार को उपाध्यक्ष पद के  कांग्रेस से हिना कांवरे और भाजपा से जगदीश देवड़ा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी हिना कावरे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि परंपरा तोड़ने का खामियाजा बीजेपी को भुगतना होगा। डिप्टी स्पीकर के लिए चुनाव हो या नहीं पार्टी के नेता तय करेंगे। वही  पूर्व अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने कहा कि परंपराओं के मुताबिक डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए। उन्होंने सत्ता पक्ष से उम्मीद जताई कि उपाध्यक्ष विपक्ष का ही होगा। हालांकि अब गुरुवार हो तय होगा कि विधान सभा डिप्टी स्पीकर के लिए चुनाव होगा या नहीं।