किसानों के लिए सीएम शिवराज की बड़ी घोषणा- तत्काल 50 हजार की सहायता राशि का ऐलान, अफसरों को चेताया

CM Shivraj ने अफसरों को सीधे शब्दों में कहा कि किसान की फसल के सर्वे में किसी भी तरह की चूक स्वीकार नहीं की जाएगी।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों को काफी नुकसान हुआ था। जिसके बाद CM Shivraj द्वारा बर्बाद हुई फसलों का जायजा लिया गया। एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chouhan) ने किसानों को उठाया कि उनके बर्बाद फसल का एक हिस्सा उन्हें मुआवजा (relief fund) दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ सीएम शिवराज कार की छत पर चढ़ गए और उन्होंने तत्काल ही 50 हजार रुपए सहायता राशि का ऐलान कर दिया।

फसलों का जायजा करते वक्त सीएम शिवराज ने कहा कि मैं हर खेत तक नहीं पहुंच पाउंगा लेकिन सांसद और विधायक किसानों के खेतों तक पहुंच रहे हैं। फसल ही नहीं किसानों की ओर से टूटे हुए घर के कवेलू कभी मुआवजा दिया जाएगा। सीएम शिवराज ने कहा कि किसान ने यदि लोन लिया है तो ऋण वसूली को स्थगित कर अल्पकालीन लोन को मध्यकालीन ऋण से बदलकर उसका ब्याज भी भरवाएंगे। फसल के अलावा मवेशियों की मृत्यु और अन्य शहरी के लिए भी अलग से राशि दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं दुख हर चुनौती की घड़ी में सारे प्रदेश के किसानों के साथ हूं। इतना ही नहीं अशोकनगर जिले में ओला पीड़ित किसानों के बीच सीएम शिवराज ने भरे मंच से राजस्व विभाग के अधिकारियों को समझाइश दे दी है। सीएम शिवराज ने कहा कि अधिकारियों द्वारा यदि किसानों के नुकसान के आकलन में आनाकानी की गई तो नौकरी करने लायक नहीं छोडूंगा। किसानों को फसल मुआवजा 2% से ज्यादा हो जाए तो भी चलेगा लेकिन किसानों की उनको मुआवजा राशि का 1% हिस्सा भी कम नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंगावली में भी फसलों के नुकसान का सर्वे किया। इस दौरान CM Shivraj ने अफसरों को सीधे शब्दों में कहा कि किसान की फसल के सर्वे में किसी भी तरह की चूक स्वीकार नहीं की जाएगी। ईमानदारी से सर्वे की प्रक्रिया पूरा करें लेकिन किसानों के मुआवजे से कम राशि उनके खाते में पहुंची तो मैं किसी भी अफसर को नौकरी करने लायक नहीं रहने दूंगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया है और सभी जिला कलेक्टरों से कहा कि हर हाल में इस बार सुनिश्चित किया जाए कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता के साथ हो। किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा ना हो।