MP Board: स्कूलों में नहीं होंगी परीक्षाएं, छात्रों को करना होगा ये काम

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) में लगातार बढ़ रहे कोरोना(corona) मामले सरकार के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। वहीं कोरोना संकट की वजह से बच्चों की पढ़ाई(study) पर भी गहरा असर पड़ा है। स्कूल(school) , कॉलेज(college) बन्द हैं। ऐसे में अब मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा ने छात्रहित में फैसला लेते हुए ये कहा है कि स्कूलों में सब छमाही परीक्षा की जगह मासिक मूल्यांकन(Monthly rating) किया जाएगा। वहीं प्री बोर्ड परीक्षाएं(Pre-board examination) नहीं होंगी।

दरअसल शुक्रवार को मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव(Principal Secretary of Madhya Pradesh School Education) रश्मि अरुण शर्मा ने कहा है कि स्कूल नहीं खुले ऐसे में तिमाही व छमाही जैसी परीक्षाएं लेना सही नहीं होगा। ऑनलाइन कक्षाओं(online classes) के माध्यम से पढ़ाई हो रही है। इसलिए हर माह जब तक स्कूल नहीं खुलते बच्चों का मूल्यांकन होगा। जैसा कि आप जानते हैं इस वर्ष कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण स्कूल नहीं खुले और आगे भी स्कूल खुलने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में बच्चों के एडमिशन नहीं हुई और ना ही पढ़ाई हुई है। हालाकि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की गई थी। किंतु अब कोरोना के बढ़ते मामले के बीच ऐसे में तिमाही व छमाही परीक्षाएं कराना स्कूलों में मुश्किल होगा। जिसके बाद स्कूल बोर्ड ने ये निर्णय लिया है कि छमाही परीक्षा की जगह बच्चों का मासिक मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं इससे ये भी पता चलेगा की बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं का कितना फायदा ले पा रहे हैं।

बता दें कि ऑनलाइन क्लासेस में बच्चों को असाइनमेंट भी दिए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को इन असाइनमेंट को बनाकर रखना है। जब स्कूल खुलेंगे तो उनके असाइनमेंट की जांचकर उन्हें अंक भी दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को सभी विषयों में प्रोजेक्ट भी दिए जाएंगे। खासतौर पर 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क दिए जाएंगे। वहीं इस साल से 9वीं व 11वीं कक्षा में प्री-वार्षिक परीक्षाएं शुरू की गई थीं। वहीं 10वीं और 12वीं में भी इस साल से फर्स्ट प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू की गईं। इस बार कक्षाएं नहीं लगने के कारण यह सभी परीक्षाएं नहीं ली जा सकेंगी।