MP उपचुनाव : ज्योतिरादित्य सिंधिया और इन मंत्रियों की साख दांव पर, हार-जीत तय करेगी राजनैतिक भविष्य

जिन आठ सीटों पर सरकार के मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनकी साख दांव पर है। क्योंकि उनकी जीत या हार का असर सिर्फ उनके ही राजनैतिक भविष्य पर नहीं होगा। उनकी जीत या हार का असर ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा पर भी पड़ेगा।

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश (Madhy Pradesh) में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By-election) की बिसात बिछ चुकी है। भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बाद बसपा (BSP) ने भी पूरी तैयारी कर ली है इसके अलावा कुछ सीटों पर कुछ अन्य राजनैतिक दल भी जीत की तैयारी कर चुके हैं। ऐसे में ग्वालियर चंबल संभाग (Gwalior Chambal Division) में जिन आठ सीटों पर सरकार के मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं उनकी साख दांव पर है। क्योंकि उनकी जीत या हार का असर सिर्फ उनके ही राजनैतिक भविष्य पर नहीं होगा। उनकी जीत या हार का असर ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की प्रतिष्ठा पर भी पड़ेगा। हालांकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल ग्वालियर चंबल की सभी सीटों के जीतने का दावा कर रही हैं।

28 सीटों पर होने जा रहे उप चुनावों में से 16 सीटें ग्वालियर चंबल संभाग से आती हैं जिनपर सभी राजनैतिक दलों की निगाहें हैं। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ होने के कारण लोगों की निगाहें भाजपा के प्रत्याशियों के साथ साथ सिंधिया पर भी टिकी हुई हैं। खास बात ये है कि इन 16 सीटों में से आठ सीटें ऐसी हैं जिनपर सरकार के मंत्री चुनाव लड़ेंगे ये तय है। ये मंत्री हैं प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, एन्दल सिंह कंसाना, सुरेश राठखेड़ा, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडोतिया और ब्रजेंद्र सिंह यादव। भाजपा एक दो दिन में अपने प्रत्याशियों की अधिकृत घोषणा करने वाली है। जबकि कांग्रेस 28 में से 24 प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है ऐसे में दोनों ही दल अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

कांग्रेस का दावा चुनावों के बाद मंत्रियों का भविष्य गर्त में चला जायेगा

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि ग्वालियर चंबल संभाग से हो आठ मंत्री भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले हैं उन्होंने जनमत के साथ गद्दारी की है जो उनके सिरमौर हैं सिंधिया जी उन्होंने भी आत्मघाती गलत निर्णय लिया। इन चुनावों के साथ ही इन सबका भविष्य गर्त में चला जायेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता को अब इन पर विश्वास नहीं हैं क्या मालूम इनके आका को यदि फिर सम्मान नहीं मिला तो आस्था के चलते ये हाथी घोड़ा या किसी और की सवारी करने लगेंगे इसलिए जनता इनको सबक सिखायेगी। प्रदेश प्रवक्ता आरपीसिंह ने दावा किया कि आज की स्थिति में हम ग्वालियर चंबल संभाग की 16 में 15 सीटें जीत रहे हैं।

भाजपा का दावा- कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत भी नहीं बचेगी

उधर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आशीष अग्रवाल ने भी एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए दावा किया कि भाजपा सभी सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि जनता को ये लगता है कि 15 महीने चली कमलनाथ सरकार वादा खिलाफी, भृष्टाचारी, अत्याचारी थी और स्वयं उनके मंत्री पूर्व मुख्यमंत्री को ब्लैक मेलर, शराब और रेत माफिया कहते थे । कमलनाथ की सरकार में तबादला उद्योग चरम पर था। ऐसी सरकार के विरुद्ध जनता की जो भावना बनी है वो बहुत स्पष्ट है कि ग्वालियर चंबल संभाग की जितनी भी सीटें हैं उनपर कांग्रेस के प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चोरी और सीना जोरी, जो जनता से किये गए वादे पूरे नहीं करने के बाद भी ये कर रहे हैं तो जब जनता परिणाम देगी तो तय हो जायेगा कि मप्र में ना जातिवाद चलेगा, ना भृष्टाचार चलेगा ना तुष्टिकरण चलेगा यहाँ अब सिर्फ विकासवाद चलेगा।

 दांव पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा 

बहरहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बड़े राजनैतिक दल ग्वालियर चंबल की सभी 16 सीटें जीतने के दावे कर रहे हैं जबकि बीएसपी, लोसपा सहित अन्य कुछ राजनैतिक दल भी दोनों पार्टियों की वादाखिलाफ़ी को जनता के बीच ले जाकर जीत का दावा कर रहे हैं। अब कौन जीतेगा कौन हारेगा ये 10 नवंबर को परिणाम वाले दिन पता चल सकेगा। लेकिन इतना तय है कि ग्वालियर चंबल संभाग के आठ मंत्रियों की जीत या हार पर सिर्फ उनका ही राजनैतिक भविष्य तय नहीं है बल्कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।