मिलावटखोरी पर शिकंजा, अब सूचना देने पर 25 हजार का इनाम, सालों से जमे अफसर हटेंगे

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भोपाल| मध्य प्रदेश में मिलावट का गौरखधंधा कर लोगों के स्वास्थ से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सरकार ने शिकंजा कस दिया है| प्रदेश में लगातार  छापामार कार्रवाई चल रही है। कई स्थानों पर मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ रासुका के तहत मामला भी दर्ज हुआ है। मिलावटखोरी की सूचना देने वालों को इनाम देने की घोषणा भी की गई है, ईनाम की राशि 11 हजार से बढ़कर 25 हजार रूपये कर दी गई है। वहीं खाद्य एवं औषधि विभाग में 10 वर्षो से एक ही जगह पदस्थ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को हटाया जाएगा| लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसके निर्देश दिए हैं| मंत्री श्री सिलावट प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत भोपाल संभाग में कार्रवाई की समीक्षा कर रहे थे।

मंत्री तुलसीराम सिलावट ने  कहा है कि प्रदेश में अब दूध के नाम पर सफेद जहर नहीं चलेगा। मिलावटखोरों के विरूद्ध कार्रवाई में ढ़िलाई को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। श्री सिलावट ने कहा कि मिलावटखोरों की सूचना देने वालों के लिये ईनाम की राशि को बढ़ाकर दोगुना से भी अधिक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब ईनाम की राशि 11 हजार से बढ़कर 25 हजार रूपये कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। 

अब भोपाल में भी छापामार कार्रवाई होगी। आज स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इसे लेकर भोपाल कलेक्टर, कमिश्नर और डीआईजी के साथ एक बैठक की। बैठक में ये तय किया गया है कि भोपाल में भी मिलावटखोरों के लिए छापामार कार्रवाई होगी। इसके लिए संभाग स्तरीय एक टीम बनाई जाएगी। जिसमें प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग के अफसर शामिल होंगे। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि दूध और अन्य दुग्ध उत्पादकों सहित खाद्य पदार्थो में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई दिखना चाहिये, जनता को महसूस होना चाहिये। उन्होंने कहा कि निर्दोष और ईमानदार व्यापारी परेशान नहीं हों, लेकिन दोषी छूटे भी नहीं। श्री सिलावट ने कहा कि नमूनों की जाँच में तेजी लाये। जाँच के लिये जरूरी उपकरण-मशीनें खरीदें, किराये पर लें, जाँच जल्दी पूरी करें। उन्होंने कहा कि जाँच के लिये राज्य प्रयोगशाला के अतिरिक्त अन्य प्रयोगशाला से सहयोग लेने की जरूरत है, तो वह भी प्राप्त करें। आवश्यकता पड़ने पर मिलावट के गंभीर और संदिग्ध नमूनों को मुम्बई प्रयोगशाला में भी जाँच के लिए भेजें। उन्होंने कहा कि जाँच की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होना चाहिये। ।

10 वर्षो से जमे अधिकारी-कर्मचारी हटेंगे

मंत्री श्री सिलावट ने नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिये कि 10 वर्षो से एक ही जगह पदस्थ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार करें। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी स्थानान्तरित किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि मिलावटखोरों के लिये कड़ी सजा का प्रावधान करने और प्रकरणों में ट्रायल जल्दी सुनिश्चित करने के लिए भी राज्य शासन विचार कर रहा है।

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