राज्य सरकार का बड़ा तोहफा, दैनिक भत्ते-गणवेश राशि में वृद्धि, इन छात्रों को मिलेगा लाभ, आदेश जारी, जानें कितनी मिलेगी राशि?

salary hike

Shivraj Government : मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने छात्रों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के दैनिक भत्ते एवं गणवेश राशि में वृद्धि की है। इसके तहत राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने पर 250 रुपए दैनिक भत्ता एवं गणवेश के लिए 1800 रुपए मिलेगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए है।

इसी सत्र से मिलेगा लाभ

 

दरअसल, स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र छात्राओं के दैनिक भत्ते एवं गणवेश राशि में वृद्धि के निर्देश दिए है।  क्रीड़ा अंशदान से आयोजित होने वाली शालेय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र छात्राओं के दैनिक भत्ते एवं गणवेश राशि में यह वृद्धि दर लागू होगी। इन प्रतियोगिता में जो छात्र छात्राएं शामिल होंगे, उन्हें इसी सत्र से बढ़ा हुआ दैनिक भत्ता एवं गणवेश राशि मिलेगी।

जानिए कितनी राशि मिलेगी

जारी आदेश के अनुसार क्रीड़ा अंशदान राशि से आयोजित होने वाली जिला एवं संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र छात्राओं के लिए दैनिक भत्ता राशि 90 रुपए से बढ़ाकर 135 रुपए एवं गणवेश राशि 450 रुपए से बढ़ाकर 675 रुपए की गई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए दैनिक भत्ता राशि 100 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए एवं गणवेश राशि 500 रुपए से बढ़ाकर 750 रुपए की गई है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए दैनिक भत्ता राशि 150 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए एवं गणवेश के लिए 1200 रुपए से बढ़ाकर 1800 रुपए की गई है।

छात्रों का बढ़ेगा मनोबल

स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री  परमार ने कहा है कि इन भत्तों के बढ़ने से छात्र छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा। विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा। इससे प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे, जो प्रदेश का नाम देश एवं विदेश में रोशन करेंगे।

 

 


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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