MP News : बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर, कई स्थानों पर चरमराई व्यवस्था

प्रमुख सचिव के साथ बातचीत विफल, बीजेपी विधायक ने मुख्यंमंत्री को पत्र लिखकर इनकी समस्याओं के निराकरण की मांग की

Electricity contract and outsource workers strike : बिजली कंपनी के संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल का आज पांचवा दिन है। मंगलवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे के साथ इनकी वार्ता रही विफल रही और कर्मचारी संगठन ने हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। इनकी हड़ताल के कारण अब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली व्यवस्था चरमराने लगी है। इससे पहले मंगलवार कोबीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर विद्युतकर्मियों की हड़ताल को समाप्त कराते हुए उनकी मांगों का निराकरण करने की मांग की थी।

कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित

बता दें कि ये कर्मचारी अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार से हड़ताल पर हैं। इन मांगों में संविदा नियमितीकरण, आउटसोर्स का संविलियन, वेतन वृद्धि और ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करना शामिल है।  प्रदेश मे 19 हजार नियमित कर्मचारियों के साथ 45 हजार आउटसोर्स और 6 हजार संविदा कर्मचारी हैं। यूनाइटेड फोरम संगठन के नेतृत्व में हो रही हड़ताल का असर अब दिखने लगा है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर बारिश होने के कारण लाइन फाल्ट और अन्य समस्याएं आ रही हैं और इसे दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी नहीं है। खासकर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा परेशानी हो रही है। इधर राजधानी भोपाल में भी कई विद्युत सब स्टेशनों में कर्मचारी ना होने के कारण ताला डला हुआ है।

भोपाल के ईस्ट डिवीजन विद्युत सब स्टेशनों में कर्मचारी ना होने के कारण लॉक कर दिए गए हैं। शुभ रियालेरी सब स्टेशन, प्रभातम हाइट सब स्टेशन, IBD रायसिना सब स्टेशन, करोंद मण्डी सब स्टेशन, अभिनव होम्स सब स्टेशन, मेपल ट्री सब स्टेशन में ताले लग चुके हैं। वहीं भोपाल के नार्थ डिवीजन में कर्मचारी ना होने के कारण विद्युत सब स्टेशन भी बंद हैं जिनमें सुल्तानिया सब स्टेशन, बेबाली सब स्टेशन, ऐरोसिटी 2 सब स्टेशन, ऐरोसिटी 3 सब स्टेशन, वायुगतिकी 4 सब स्टेशन, जीआईएस कोतवाली सब स्टेशन, बलविहार सब स्टेशन लॉक हैं।

हड़ताली कर्मचारियों की मांग

  • संविदा बिजलीकर्मियों को जल्द नियमित किया जाए
  • आउटसोर्स कर्मचारियों को संविलियन करते हुए कार्यावधि और वरिष्ठता के अनुसार वेतनवृद्धि दी जाए। इसके साथ ही उनके भविष्य को सुरक्षित करने की नीति बनाई जाए। कर्मचारियों ने 20 लाख रुपए तक दुर्घटना बीमा की मांग भी की है।
  • हड़ताली कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है जिससे रिटायरमेंट के बाद उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके।
  • विभाग में आ रही वेतन विसंगतियों को दूर की मांग की गई है। इसके लिए उन्होंने कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है।
  • संविदा बिजलीकर्मियों और आउटसोर्स कर्मचारियों ने लंबित फ्रिंज बेनिफिटस का पुर्ननिरीक्षण करने के साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैशलेस मेडिक्लेम लागू करने की मांग की है।