‘ये उनका सौभाग्य है, हमारा दुर्भाग्य है’ मंत्री नागर सिंह चौहान की नाराज़गी पर अजय विश्नोई ने कही ये बात

दो दिन पहले निमाड़ क्षेत्र के कद्दावर आदिवासी नेता नागर सिंह चौहान ने मंत्री पद छोड़ने की धमकी दी। दरअसल कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए विधायक रामनिवास रावत को राज्य सरकार ने नागर से छीनकर वन और पर्यावरण मंत्रालय आवंटित किया था। वहीं विश्नोई भी पहले कई बार कांग्रेस से आए नेताओं को तरजीह देने पर अपनी नाराज़गी जता चुके हैं।

Vishnoi

MP News : बीजेपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पाटन विधायक अजय विश्नोई ने नागर सिंह चौहान की नाराज़गी और मंत्री पद छोड़ने की चेतावनी के मामले पर कहा कि ‘ये उनकी सौभाग्य है, हमारा दुर्भाग्य है’। उन्होंने कहा कि ये उनकी नाराज़गी है और उनके और मुख्यमंत्री के बीच की बात है और उन्हें ही तय करने दीजिए कि क्या करना है।

बीजेपी में अंतर्कलह!

बीजेपी में कांग्रेस व अन्य पार्टियों से आए नेताओं को तरजीह दी जा रही है और पुराने कार्यकर्ताओं-नेताओं की उपेक्षा हो रही है…ये बात कई बार कई लोग कह चुके हैं। अजय विश्नोई, गोपाल भार्गव जैसे बड़े नेता पहले ही इस बात को लेकर अपना रोष व्यक्त कर चुके हैं। कांग्रेस नेताओं की बीजेपी में एंट्री, उन्हें बड़े विभाग और मंत्री पद देने से कई पुराने भाजपाई नाराज़ हैं। 2020 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक बीजेपी में आए तो शिवराज कैबिनेट में भी उन्हें जगह दी गई थी। अब इस बार भी कांग्रेस से आए नेताओं को बड़े विभाग दिए जाने से कई बीजेपी नेता ख़ासे नाराज़ हैं।

मंत्री नागर की नाराज़गी पर विश्नोई 

दो दिन पहले ही निमाड़ क्षेत्र के कद्दावर आदिवासी नेता नागर सिंह चौहान ने मंत्री पद छोड़ने की धमकी दी। दरअसल कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए विधायक रामनिवास रावत को राज्य सरकार ने वन और पर्यावरण मंत्रालय आवंटित किया था। यह विभाग पहले नागर सिंह चौहान के पास था। लेकिन यह दोनों विभाग जाने के बाद अब नागर सिंह के पास केवल अनुसूचित जाति विभाग का मंत्रालय बचा है। इसे लेकर उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया और ये तक कह दिया कि वो अपनी सांसद पत्नी से भी इस्तीफ़ा दिलवा देंगे।

इस मामले में पार्टी डैमेज कंट्रोल में लगी है वहीं वरिष्ठ नेता अजय विश्नोई ने कहा है कि ‘ये उनका सौभाग्य है, हमारा दुर्भाग्य है। ये उनकी नाराज़गी है वो जवाब देंगे। ये दो व्यक्तियों के बीच की बात है..एक मंत्री दूसरा मुख्यमंत्री और वे ही आपस में तय करेंगे’। इस तरह फ़िलहाल उन्होंने मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, लेकिन पिछले दिनों ही विश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी जिससे इस बात का साफ़ पता चलता है कि वो ‘बाहरी नेताओं’ से कितने नाराज़ हैं।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

 


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श्रुति कुशवाहा

श्रुति कुशवाहा

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि।

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