MP News : सावधान! सड़क पर थूकने या कचरा फैलाने पर होगा स्पॉट फाइन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। खुले में थूकने, कचरा फैलाने और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करना अब महंगा पड़ सकता है। इसके लिए सरकार ने स्पॉट फाइन देने का आदेश जारी किया है। मध्यप्रदेश के पर्यावरण विभाग ने नियम जारी कर दिए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रदेश के सभी छोटे-बड़े शहरी क्षेत्रों में कचरा फैलाने या स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों पर स्थल पर ही जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का आरंभ शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन करने के साथ पर्यावरणी का सुधार और व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये किया गया है। पर्यावरण विभाग द्वारा प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर्स को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

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सार्वजनिक स्थल पर गंदगी फैलाना
सार्वजनिक स्थल पर स्वच्छता के विरुद्ध किये जाने वाले कार्यों में सड़कों एवं गलियों में कचरा फैलाना, सार्वजनिक स्थलों पर थूकना, खुले में स्नान, खुले में मल-मूत्र विसर्जन और खुले में बर्तन, कपड़े आदि की धुलाई शामिल है।

ठोस अपशिष्ट का एक ही डस्टबिन में एकत्र करना
ठोस अपशिष्ट संग्रहण, पृथक्कीकरण, भंडारण, प्रदाय संबंधी नियमों का उल्लंघन करने पर भी कार्रवाई होगी। ठोस अपशिष्ट का अलग-अलग संग्रहण न करते हुए एक ही डस्टबिन में एकत्र करने पर व्यक्तिगत श्रेणी, थोक कचरा उत्पादक, नष्ट होने योग्य बायोडीग्रेडेबल कचरा पृथक्कीकरण उचित प्रकार से नहीं देने पर, जैव अनाश्य अपशिष्ट का पृथक्कीकरण, निर्माण एवं विध्वंस सामग्री का पृथक्कीकरण न करने, सूखा कचरा अलग न करने, बगीचे और हरे कचरे को खुले में फैकने, खुले में कचरा जलाने के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।

पालतू जानवरों द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी
व्यावसायिक उपयोग (घरेलू छोड़कर) के दौरान मछली, मीट, पोल्ट्री अपशिष्ट को अलग किये बगैर कचरा प्रदान करना, बगैर डस्टबिन के और बिना अलग किये हुए कचरा देने वाले विक्रेता, ठेला, फेरीवाला आदि, निवास और गली की सफाई न रखने, घरेलू पालतू जानवरों द्वारा कचरा, खुले में मल-मूत्र, विष्ठा कराने पर, सार्वजनिक स्थलों पर आयोजन के पूर्व अनुमति प्राप्त न करने पर और सार्वजनिक स्थल पर आयोजित समारोह के बाद 4 घंटे में सफाई न करने पर जुर्माना-शास्ति अधिरोपित किये जाने का प्रावधान किया गया है। शास्ति/स्पॉट फाइन की दरें नगरीय निकायों तथा शहरी समूहों द्वारा परिषद स्तर पर निर्धारित की जायेंगी।