मप्र में असुरक्षित मासूम: सतना में फिर अगवा बच्चे की हत्या, नाले में मिला शव

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सतना| मध्य प्रदेश में एक बार फिर मासूम बच्चे के अपहरण और फिर ह्त्या का मामला सामने आया है| चित्रकूट में जुड़वा भाइयों के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी| पुलिस 12 दिन तक अपराधियों के चंगुल से बच्चों को बचाने में असफल रही थी| अब एक बार फिर ठीक ऐसी ही बड़ी घटना सतना जिले से ही सामने आई है| जहां मंगलवार को नागौद के रहिकवारा से पांच साल के मासूम की अपहरण के बाद ह्त्या कर दी गई|  बुधवार को घर से 100 मीटर दूर एक नाले में बच्चे का शव मिला है। इस घटना से एक बार फिर अपहरण का मामला गरमा गया है, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर है| 

दरअसल, नागौद थाना क्षेत्र के रहिकवारा में रहने वाले झब्बू कुम्हार का बेटा शिव (5) मंगलवार दोपहर 3.30 बजे तक घर के पास खेल रहा था। इसके बाद वह लापता हो गया। शाम करीब 6 बजे झब्बू के भाई के मोबाइल पर किसी ने फोन कर बताया कि उसने शिव को अगवा किया है। उसे वापस लेने के लिए दो लाख की व्यवस्था कर लो। यह सुनते ही परिजन के के होश उड़ गए। इस फ़ोन के बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। आनन-फानन में डीआइजी अविनाश शर्मा, एसपी संतोष सिंह गौर सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और परिजन से पूछताछ की। मासूम के अपहरण में एक महिला सहित कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है|  पड़ोस में रहने वाले पांच लोगों को हिरासत में लिया गया| 

इस बीच बुधवार को बुधवार को घर से 100 मीटर दूर एक नाले में बच्चे का शव मिला। इस घटना के बाद से रहिकवारा के ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है। चित्रकूट मामले की तरह ही पुलिस इस मामले में भी पुलिस बच्चे को बचा नहीं पाई, अपहरण की घटना के बाद जिस तरह बच्चों को अपराधी मौत के घाट उतार रहे हैं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं|  उत्तरा प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्र में इस कदर अपराधी बेलगाम है|   डीआईजी अविनाश शर्मा और एसपी संतोष सिंह मौके पर पहुंच गए है। यह बात भी सामने आ रही है कि पड़ोसी ने ही बच्चे को किडनैप कर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है।


सुरक्षा भगवन भरोसे, पुलिस सीमा विवाद में उलझी 

सतना जिले में पांच दिनों में लगातार पांच बच्चों के अपहरण के मामले सामने आ चुके हैं, जिसमे एक का आज शव मिला है, वहीं अभी चार बच्चे ऐसे हैं जिनका कोई पता नहीं है| जिले के अलग-अलग थानों में पिछले 5 दिनों में 5 मासूमों के अपहरण के मामले दर्ज किए गए हैं। अपह्रत तीन मासूमों की उम्र 7 साल से कम, दो की उम्र 12 और 13 वर्ष हैं।  वहीं सीमवर्ती क्षेत्रों में हो रही इन घटनाओं को लेकर अक्सर बात सामने आती है कि उत्तर प्रदेश से अपराधी यहां आकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं| सवाल खड़ा होता है क्या यह उन लोगों का दोष है जो वहाँ रह रहे हैं| जबकि यह सीमाएं दशकों पुरानी है| 

एक सप्ताह में पांच बच्चों के अपहरण 

– 7 मार्च को 7 वर्षीय आशिकी साकेत का मैहर से अपहरण ।

– 7 मार्च को ही सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से 13 वर्षीय शिवांस मिश्रा का अपहरण ।

– 10 मार्च को कोलगवां थाना इलाके के बैंक कालोनी से 13 वर्षीय प्रद्युमन सिंह का अपहरण।

– 12 मार्च को 12 वर्षीय से श्रद्धा राजवंश का सिटी कोतवाली इलाके से अपहरण ।

– 12 मार्च को ही नागौद थाना के रहिकवारा से शिवकान्त प्रजापति का अपहरण।