नकुलनाथ की सियासी लॉन्चिंग, 1996 में यहां से मां के लिए किया था प्रचार

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भोपाल। मध्य प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीट छिंदवाड़ा से आखिर कार कांग्रेस ने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया। जैसे की पहले ही कयास लगाए जा रहे थे कि इस सीट पर अब कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव लड़ेंगे। गुरूवार को कांग्रेस की ओर से जारी लिस्ट में इकसी आधिकारिक पुष्टि भी हो गई। यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। इस सीट पर मुख्यमंत्री बनने से पहले कमलनाथ लगातर नौ बार सांसद रहे हैं। बीच में एक मौका ऐसा भीआया जब यह इस सीट से कमलनाथ की पत्नी ने भी चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। अब इस विरासत को उनके बेटे नकुलनाथ संभालेंगे। 

दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही यह साफ हो गया था कि छिंदवाड़ा से इस बार लोकसभा चुनाव कमलनाथ नहीं लड़ेंगे।  उनकी जगही पुत्र नकुलनाथ अब इस संसदीय क्षेत्र का नेतृत्व करेंगे। नकुल भले सियासत में नए कहे जाएं लेकिन छिंदवाड़ा के लिए वह जाना पहचाना चेहरा हैं। कमलनाथ के पुत्र के तौर पर ही माहौल उनके फेवर में है। वह खुद भी 2000 से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनकी अपनी कार्यकर्ताओं की लंबी चौड़ी फौज है। जो उनके लिए प्रचार का जिम्मा बहुत पहले से ही संभाले हुए है। 

20 कंपनियों में हैं डायरेक्टर

नकुल नाथ 20 कंपनियों में डायरेक्टर हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा दून स्कूल से की है। जबकि उच्चा शिक्षा के लिए उन्होंने एमबीए बॉस्टन यूनिवर्सिटी से किया है। नकुल ने 1996 में अपनी मां अलका नाथ के लिए चुना प्रचार किया था। उस समय कमलनाथ पर हवाला घोटाला मामले में नाम आने की वजह से टिकट नहीं दिया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें इस घोटाले से क्लीन चिट मिल गई थी। नकुलनाथ के बारे में कहा जाता है वह कार्यकर्ताओं की बात को गंभीरता से लेते हैं। सादगी पसंद हैं और बिना शोर शराबे के वह जनता के बीच जाते हैं। लेकिन उनकी हिंदी भाषा पर पकड़ कम होने के कारण वह भोषण देते कम ही दिखाई देते हैं। राजनीति के पंडितों का मानना है कि यह उनके खिलाफ भी जा सकता है।