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कांग्रेस ने ‘पोहा जलेबी’ पर उठाए सवाल, जीतू पटवारी ने मलखंब प्रतियोगिता के खिलाड़ियों की डाइट को लेकर सरकार को घेरा

Written by:Shruty Kushwaha
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उज्जैन में स्कूली मलखंब प्रतियोगिता चल रही है और यहां देशभर से खिलाड़ी जुटे हैं। इनकी डाइट को लेकर कांग्रेस ने सवाल किए हैं और कहा है कि स्कूल गेम्स फेडरेशन के मेन्यू के हिसाब से खिलाड़ियों की डाइट नहीं मिल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस खेल के प्रतिभागियों को दूध-ब्रेड, फल व दही-पराठा दिए जाने चाहिए, लेकिन उन्हें पोहा-जलेबी दी जा रही है, जिससे न तो उनकी भूख मिट रही है न ही सही पोषण मिल रहा है।
कांग्रेस ने ‘पोहा जलेबी’ पर उठाए सवाल, जीतू पटवारी ने मलखंब प्रतियोगिता के खिलाड़ियों की डाइट को लेकर सरकार को घेरा

Jitu Patwari

Jitu Patwari on Poha-Jalebi : उज्जैन जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शालेय मलखंभ प्रतियोगिता इन दिनों लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में चल रही है। 9 से 13 दिसंबर तक आयोजित इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता में देशभर के 18 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी और अधिकारियों ने हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन में नियमों को लेकर पहले ही विवाद की स्थिति बन चुकी है और अब कांग्रेस ने यहां खिलाड़ियों को दी जा रही डाइट को लेकर सवाल उठाए हैं।

जीतू पटवारी ने इसे लेकर कहा है कि अन्य प्रदेशों से आए प्रतिभागियों को नाश्ते में पोहा जलेबी दी जा रही है जबकि मलखंब के खिलाड़ियों को दूध, फल, परांठे जैसी तगड़ी डाइट की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस बारे में सीएम डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा है कि ‘उज्जैन के साथ मप्र की भी इज्जत बचाएं, मेहमान खिलाड़ियों की भूख मिटाएं।’

उज्जैन में जुटे देशभर के मलखंब खिलाड़ी

राष्ट्रीय शालेय मलखंभ प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों की टीमें शामिल हैं। मलखंब एक पारंपरिक भारतीय खेल है, जिसमें जिमनास्टिक, योग और हवाई कलाबाज़ी का अनोखा संयोजन होता है। इसमें खिलाड़ी लकड़ी के खंभे, बेंत या रस्सी पर तरह-तरह के करतब दिखाते हैं। मलखंब शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘मल्ल’ का मतलब है पहलवान और ‘खंब’ का मतलब है खंभा। मलखंभ जैसे शारीरिक खेल में खिलाड़ियों को उच्च ऊर्जा और पोषण युक्त आहार की आवश्यकता होती है, जो उनकी ताकत, सहनशक्ति और लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करे। मलखंभ में शारीरिक मेहनत, लचीलेपन और संतुलन की जरूरत होती है, इसलिए खिलाड़ियों का आहार संतुलित और पौष्टिक होना चाहिए।

जीतू पटवारी ने डाइट को लेकर किए सवाल

इसी बात पर अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खिलाड़ियों को दिए जा रहे नाश्ते को लेकर कहा कि उन्हें स्कूल गेम्स फेडरेशन के मानकों के अनुसार आहार नहीं मिल रहा है। पटवारी ने लिखा है कि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है। लेकिन यहां उन्हें सुबह नाश्ते में सिर्फ पोहा और जलेबी दी जा रही है। मलखंभ जैसे शारीरिक खेल के लिए दूध, ब्रेड, फल और दही-पराठा जैसे पोषक खाद्य पदार्थ जरूरी हैं। इसी के साथ उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि “कहा जाता है कि मुख्यमंत्री जी ने पहलवानी की है, लेकिन खिलाड़ियों के डाइट प्लान को देखकर ऐसा नहीं लगता।” कांग्रेस अध्यक्ष ने सीएम से मांग की कि उज्जैन के साथ मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठा बचाने के लिए मेहमान खिलाड़ियों को उपयुक्त आहार उपलब्ध कराया जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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