अब कमलनाथ सरकार के खिलाफ ‘व्हिसल-ब्लोअर्स’ ने बजाई ‘सीटी’

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भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादलों को लेकर जमकर सियासत गरमाई हुई है| दो माह की सरकार में कई दर्जनों अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं| जबकि कई ऐसे अधिकारी हैं जिनके दो माह के भीतर दो दो बार तबादले कर दिए गए| कई अफसरों के 24 से 48 घंटे के भीतर तबादला निरस्त कर दिया गया| इस हालात को विपक्ष ने प्रदेश के लिए हानिकारक बताते हुए विधानसभा में सरकार की घेराबंदी की| विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस की सरकार बनते ही तबादला उद्योग फल फूल रहा है| विपक्ष के तीखे सवालों के बीच अब व्यापमं घोटाले के व्हिसिलब्लोअर ने सरकार के खिलाफ सीटी बजा दी है| जिस तरह रोज सूचियां जारी हो रही है, तबादलों को लेकर सरकार चौतरफा घिरती नजर आ रही है| 

अब व्यापमं के व्हिसल ब्लोआर डॉ. आनंद राय और वरिष्ठ आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने सोशल मीडिया पर तबादले को लेकर सरकार की घेराबंदी की है|   राय ने कहा है कि व्यापमं के मास्टरमाइंड आपकी सरकार में ‘की पोस्टिंग’ करवा रहे हैं, यह सब हम लोग मूकदर्शक बनकर नही देख सकते।  वहीं अजय दुबे ने पिछली सरकार से तुलना करते हुए कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा| दुबे ने लिखा की वो तो 15 साल में बदनाम हुए आप तो 2 माह में ही कुख्यात हो गए| 

व्यापमं के मास्टरमाइंड ‘की पोस्टिंग’ करवा रहे

आनंद राय ने ट्वीटर पर लिखा है “पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने चहेते राजेश मिश्रा को लोकायुक्त एसपी इंदौर बनवाया वही, नरेंद्र मासाब के पार्टनर आनन्द यादव को EOW में DSP बनवाया…व्यापमं के मास्टरमाइंड आपकी सरकार में KeyPosting करवा रहे हैं, हम लोग मूकदर्शक बनकर नही देख सकते। राय ने ये ट्वीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज दिग्विजय और मुख्यमंत्री कमलनाथ को टैग भी किया है। 

आप तो 2 माह में ही कुख्यात हो गए

आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने तबादलों को लेकर सरकार पर हमला बोला| उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा” साहब तबादला उद्योग की आय/व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करो, वो तो 15 साल में बदनाम हुए आप तो 2 माह में ही कुख्यात हो गए, श्वेत पत्र लाओ, नितिन महिंद्रा/पंकज त्रिवेदी की सरकारी नौकरी वापसी में देर क्यो ?उनको भी सम्मानजनक तरीके से व्यापमं अध्यक्ष ही बना दो डूबोगे”| 

गौरतलब है कि राज्य शासन ने गुरूवार को पुलिस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए । इसमें तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शामिल हैं, जिनमें से दो अधिकारियों के तबादला आदेश निरस्त किए गए हैं। एक अधिकारी की डेढ़ महीने में तीसरी पदस्थापना की गई है।  राजेश मिश्रा को लोकायुक्त की विशेष स्थापना पुलिस भोपाल से उज्जैन भेजा गया था। कुछ दिन बाद उज्जैन से पुलिस मुख्यालय में एआईजी बना दिया गया। अब वापस उनकी सेवाएं विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त इंदौर के रूप दी गई हैं। जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं कई ऐसे अधिकारी भी मलाईदार पोस्टिंग पाने में सफल हुए जिनका कांग्रेस में जबरदस्त विरोध था, तबादले के बाद अगले ही दिन संसोधन आदेश और तबादला निरस्त किये जाने से सवाल उठ रहे हैं| विपक्ष ने तबादला उद्योग चलाये जाने के आरोप लगाए हैं|