अब कांग्रेस के गढ़ से उठी शिवराज को चुनाव लड़ाने की मांग

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भोपाल| लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी में प्रत्याशी चयन की कवायद तेज हो गई है| पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे है| बीजेपी के गढ़ विदिशा सीट से उनका और उनकी पत्नी साधना सिंह का नाम चर्चा में है| इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र से मांग उठी है कि शिवराज को गुना क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहिए| यह मांग स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने उठाई है| बता दें कि कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए कठिन सीटों पर दमदार प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है| वहीं बीजेपी के एक धड़े में भी ऐसी ही चर्चा है कि क्यूंकि अभी विधानसभा में भाजपा के पास 109 विधायकों का आंकड़ा है, और जिस तरह चुनाव बाद सरकार बदलने के दावे पार्टी नेता कर रहे हैं इस पर असर होगा| जिसके चलते पार्टी शिवराज को चुनाव नहीं लड़ाना चाहती अगर लड़ाया ही जाएगा तो कांग्रेस की पकड़ वाली सीट से चुनाव लड़ाएगी| जिसके बाद अब शिवराज का गुना से नाम जुड़ गया है| इसके अलावा राजगढ़ से भी शिवराज का नाम चर्चा में है| वहीं सिंधिया भी गुना छोड़कर ग्वालियर से लड़ सकते हैं, ऐसे स्तिथि में शिवराज का महाराज से टकराव नहीं होगा| अगर सिंधिया गुना से ही लड़े और पार्टी ने शिवराज को यहाँ से उतरा तो महाराज बनाम शिवराज का मुकाबला खासा रोचक होगा|  

दरअसल, कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाली राजगढ़ या गुना से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा चुनाव लड़ाने की मांग वहां के स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने उठाई है।उनका कहना है कि दोनों ही संसदीय क्षेत्रों में किरार समाज के अच्छा खासा वोट बैंक है। इतना ही नहीं शिवराज सिंह की लोकप्रियता का भी पार्टी को फायदा मिल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के गढ़ पर कब्जा जमाने का इससे बेहतर अवसर नहीं मिल सकता। किरार समाज ने दावा किया है कि यदि शिवराज सिंह को इन दोनों सीटों में से किसी एक सीट पर उतारा जाता है तो वे उन्हें निश्चित तौर पर जीत दिलाएंगे। इसके अलावा विदिशा संसदीय क्षेत्र से शिवराज की पत्नी साधना सिंह को उतारने की मांग हो रही है।

 राष्ट्रीय किरार समाज ने इसके लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की है। उनका कहना है कि यह भाजपा की पारंपरिक सीट है, इसके साथ विदिशा संसदीय क्षेत्र में शिवराज सिंह चौहान की खासी पकड़ है। ऐसे में ये सीट भी आसानी से जीती जा सकती है। भाजपा इस बार एक—एक सीट को लेकर खासा मंथन कर रही है। तीनों ही सीट पर भाजपा के पास अभी कोई कदृदावर नेता नहीं है। कांग्रेस की गढ़ में सेंध लगाने के लिए शिवराज सिंह से बेहतर कोई उम्मीदवार नहीं हो सकता। हालांकि किसे कहां से टिकट दिया जाए, इसका फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में 19 मार्च को चुनाव समिति की बैठक है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उसी दिन सीटवार दावेदारों का पैनल तैयार कर दिल्ली भेज दिया जाएगा।

शिवराज ने साधी चुप्पी बोले जहां से कहे वहाँ से लडूंगा 

लोकसभा चुनाव को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने अब तक सार्वजनिक मंच से किसी भी तरह की इच्छा जाहिर नहीं की है। उन्होंने हर बार सवाल के जवाब में इतना कहा है कि पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव लड़ूंगा। कहां से वे चुनाव लड़ना चाहते हैं, यह मामला भी उन्होंने पार्टी पर छोड़ दिया है। हालांकि वे इतना जरुर कहते हैं कि ये तो कार्यकर्ताओं का प्रेम है। कोई गुना से चाहता है तो कोई छिंदवाड़ा से तो कोई राजगढ़ से, लेकिन टिकट तो पार्टी तय करती है। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का विनम्र कार्यकर्ता हूं। पार्टी जो आदेश देगी उसका पालन करूंगा।