मध्य प्रदेश में पंचायतों के चुनाव जल्द, इस प्रक्रिया के बाद कभी भी हो सकती है घोषणा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। लंबे समय से लंबित पड़े प्रदेश के पंचायती राज के चुनाव (Panchayat Raj elections) जल्द होने की संभावना है। दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग (State election commission) ने जिला कलेक्टर से 15 मार्च तक चुनाव की जानकारी मांगी है और उसके बाद जिला पंचायतों के अध्यक्षों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी। इस बात की पूरी संभावना है कि अप्रैल माह में पंचायती राज चुनाव हो सकते हैं।

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मध्य प्रदेश की 23912 ग्राम पंचायतों के साथ-साथ जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों के चुनाव संपन्न होना है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू है और पिछले चुनाव हुए साढे 6 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग भी अब जल्द चुनाव कराना चाहता है जो कोरोना के चलते लगातार टलते रहे हैं। पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया की बात करें तो पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य, अध्यक्ष के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब केवल जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा किया जाना है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि आने वाले 4 से 5 दिन के भीतर यह भी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और उसके तुरंत बाद सरकार की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को इस बात की हरी झंडी दे दी जाएगी कि वह कभी भी चुनाव की घोषणा कर दे। ऐसा होते ही राज्य निर्वाचन आयोग पंचायती चुनावों की घोषणा कर देगा।

पंचायतों के चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले चरण में 7527 ग्राम पंचायतें, दूसरे चरण में 7571 ग्राम पंचायतें और तीसरे चरण में 8814 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों के चुनाव बैलेट पेपर से और जनपद पंचायत व जिला पंचायत के चुनाव ईवीएम मशीन के माध्यम से कराए जाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को एक पत्र भेज दिया है जिसमें चुनावी कार्यक्रम की जानकारी है और उनसे कहा गया है कि इस पत्र का अध्ययन कर भी आने वाली कमियों और परेशानियों को दूर कर इस पत्र को अपडेट कर 15 मार्च तक हर हाल में चुनाव आयोग को भेजें। सोमवार की शाम तक यह पत्र सभी जिला कलेक्टरों से राज्य निर्वाचन आयोग को मिल भी गया है। अब इसकी स्क्रूटनी होगी और उसके तुरंत बाद पंचायती चुनावों की प्रक्रिया तेज करने की कवायद तेज हो जाएगी।