Period Leave : राज्य स्तरीय चर्चा में सराही गयी Mpbreaking News की पहल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। ‘मध्यप्रदेश में जेंडर समानता के परिप्रेक्ष्य में मीडिया की भूमिका’ विषय पर शनिवार को राजधानी में एक परिचर्चा का आयोजन हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश (WCD) तथा संयुक्त राज्य जनसंख्या कोष (United Nations Population Fund) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार, मीडियाकर्मी और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भोपाल के मैरियट होटल में आयोजित इस परिचर्चा में वरिष्ठ संपादक पुष्पेंद्र पाल सिंह, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग सुरेश तोमर, UNFPA भारत से पिंकी प्रधान, UNFPA मध्यप्रदेश से सुनील थॉमस जैकब, अनुराग सोनवलकर सहित वरिष्ठ पत्रकार रंजन श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, अग्रहरि, श्रुति कुशवाहा, सारिका ठाकुर, रूबी सिंह, श्रुति तोमर सहित अन्य कई गणमान्य लोग शामिल हुए। यहां UNFPA द्वारा मध्यप्रदेश में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। परिचर्चा में मध्यप्रदेश में जेंडर संबंधी परिदृश्य एवं विभिन्न संस्थाओं की भूमिरा, सामाजिक आदर्श एवं मीडिया, मध्यप्रदेश में जेंडर संबंधी मुद्दे एवं मीडिया की भूमिका तथा संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम में एमपी ब्रेकिंग न्यूज (Mpbreaking News) की सीईओ श्रुति कुशवाहा ने अपने संस्थान नें किए गए नवाचार की जानकारी दी। उन्होने बताया कि वे मध्यप्रदेश ही नहीं संभवत: देश भर के मीडिया संस्थान में प्रथम होंगे जिन्होने अपनी फीमेल स्टाफ के लिए पीरियड/मेन्ट्रुअल लीव (Period/Menstrual Leave) लागू की है। उन्होने बताया कि दुनियाभर में पीरियड लीव/ मेंस्ट्रुअल लीव को लेकर मुहिम छिड़ी हुई है। स्पेन इसे लागू करने वाला पहला यूरोपियन देश बन गया है। लेकिन भारत में अब भी इस मुद्दे पर कोई जागरूकता नहीं है। हालांकि बिहार में ये व्यवस्था लागू है, लेकिन बाकि राज्यों में इसे लेकर अब तक शायद विचार ही नहीं किया गया। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में जरूर इस तरह की सुविधाएं मिलती हैं और प्रायवेट सेक्टर में भी कुछ ही कंपनियों में इसे लेकर पॉलिसी है।

MPBreaking News के मैनेजमेंट जिनमें प्रधान संपादक वीरेंद्र शर्मा, एडिटर गौरव शर्मा तथा सीईओ श्रुति कुशवाहा शामिल है, उन्होने 6 जून 2022 को इस बारे में निर्णय लिया और जून माह से ही इसे लागू भी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश में ही नहीं संभवतः भारत में पहला मीडिया संस्थान होगा जहां फीमेल स्टाफ के लिए महीने में 2 दिन की पेड पीरियड लीव का नियम लागू किया गया है। विशेष बात ये कि संस्थान में साल 2020 से ही work from home व्यवस्था लागू है और कई सदस्य तो ऐसे हैं जिनसे मैनेजमेंट कभी आमने सामने मिला ही नहीं। केवल फोनो/ऑनलाइन इंटरव्यू हुआ और उन्होने अपने अपने घर से काम करना शुरू कर दिया। यहां हर सदस्य विशेषकर महिला सदस्यों के लिए बेहद अनुकूल और सुरक्षित माहौल है और एडिटोरियल टीम में महिलाओं की संख्या भी पुरूषों से अधिक है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज की इस सराहनीय पहल की सभी ने प्रशंसा की और इसे अधिक से अधिक स्थानों पर लागू कराने के लिए अपने स्तर पर मुहिम छेड़ने की बात भी कही।

Period Leave : राज्य स्तरीय चर्चा में सराही गयी Mpbreaking News की पहल