आज एमपी में एक ही क्षेत्र में आमने सामने होंगे मोदी और राहुल

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भोपाल/होशंगाबाद| लोकसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश में स्टार प्रचारकों ने मैदान संभल लिया है| कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अमित शाह के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मध्य प्रदेश में चुनावी सभा करेंगे| ख़ास बात यह है कि राहुल गाँधी भी आज मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं और एक ही क्षेत्र में दोनों दिग्गज नेता चुनावी सभा कर जनता से वोट की अपील करेंगे| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की आमसभा एक ही वक्त में होगी। शाम चार बजे मोदी होशंगाबाद के इटारसी और राहुल पिपरिया में सभा को संबोधित करेंगे। दोनों नगरों में 70 किमी का फासला है। पीएम मोदी विशेष विमान से भोपाल आएंगे, यहां स्टेट हैंगर भाजपा नेता उनका स्वागत करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को भोपाल होते हुए इटारसी जाएंगे। अपरान्ह 4 बजे वे 12 बंगला रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान में सभा करेंगे। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोपहर तीन बजे पिपरिया पहुंचेंगे। दोनों नेता अपने-अपने दल के प्रत्याशी के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। दोनों नेताओं की जनसभाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं।  पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर बुधवार की दोपहर केंद्रीय प्रूफ स्थापना (सीपीई) के हैलीपेड पर उतरेगा। यहां 10 प्रमुख नेता उनकी अगवानी करेंगे। तीन हैलीपेड बने हैं। यहां से प्रधानमंत्री की 25 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला ढाई किमी दूर 12 बंगला रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान के सभास्थल पर पहुंच जाएगा। मोदी का भाषण अधिकतम 45 मिनट का होगा। इससे पहले मोदी विशेष विमान से भोपाल आएंगे, यहां पर उनका भाजपा नेता स्वागत करेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर से वह इटारसी के लिए रवाना हो जाएंगे। 

भाजपा को इटारसी और कांग्रेस को पिपरिया पसंद

होशंगाबाद के यह दो नगरों का चुनाव से पुराना नाता है|  भाजपा को इटारसी और कांग्रेस को पिपरिया बेहद भाता है। भाजपा का मानना है कि 1998 में अटलजी ने इटारसी में सभा को संबोधित किया था, तो तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी सरताज सिंह ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह को हराया था। वहीं कांग्रेस का मानना है कि 2009 में राहु�� गांधी ने पिपरिया में सभा को संबोधित किया था, तो तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी राव उदयप्रताप सिंह ने भाजपा के किले को ढहाकर जीत हासिल की थी। बाद में राव उदयप्रताप सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली।