पीएम मोदी की अपील- “कम से कम करें परिवहन के साधनों का उपयोग, बेवजह न करें यात्रा”

नई दिल्ली। पूरे विश्व में तहलका मचा देने के बाद भारत में भी कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने इससे लड़ने के लिये पूरी तैयारी कर ली है। शुक्रवार रात प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर से रविवार 22 जनवरी को जनता कर्फ्यू में सहयोग करने की अपील की थी वहीं जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले शनिवार को पीएम ने जनता से एक और अपील की।

प्रधानमंत्री ने देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा है कुछ दिन जो जहां है वहीं रहे और बस ट्रेन में सफर न करे। उन्होने कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टैंड जैसी जगहों पर भीड़ बनाकर और यात्रा कर हम स्वयं अपने लिये खतरा मोल लेंगे। पीएम मोदी ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि जो भी लोग आजीविका या किसी भी वजह से अपने घर से बाहर है वह जहां हैं, वहीं रहे। लोगों को सचेत करते हुए मोदी ने कहा कि ऐसा करने से अगर आप जहां जा रहे हो वहां के लोगों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। कोरोना वायरस एक संक्रमित बीमारी है और जो लोग इसके संक्रमण में आ रहे हैं वह इसको बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इसलिये कुछ दिन आवागमन के साधनों का कम उपयोग करें और ज्यादा से ज्यादा घर पर ही रहें।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लोगों से अपील की है कि सिर्फ खुद को चैक करन के लिये बढ़ाने के लिए कोरोनावायरस जैसे संक्रमण का टेस्ट ना करवाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोगों की जांच प्रोटोकॉल के अनुसार ही की जाएगी। वही संयुक्त सचिव अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मास्क और सैनिटाइजर के दाम तय कर दिए गए हैं। जहां तीन प्ले मास की कीमत ₹10 और वही 2 प्ले मास की कीमत ₹8 के साथ सैनिटाइजर की 200ml की बोतल ₹100 की होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार मास्क सैनिटाइजर के उत्पादन को बढ़ाने के क्षेत्र में भी काम कर रही है। अल्कोहल इंडस्ट्री को इथाइल अल्कोहल का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा गया है तो वहीं राज्य सरकारों से कहा गया है कि वह डियोड्रेंट बनाने वाले निर्माताओं से सैनिटाइजर बनाने का आदेश दे। इस वायरस से लड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर बात करते हुए संयुक्त सचिव ने बताया देश में 111 लैब शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 1000 स्थानों पर क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट को भी ट्रेनिंग दी गई है ताकि हालत बिगड़ने के क्रम में इससे निपटा जा सके। साथ ही साथ प्राइवेट लैब को लेकर भी करे जा रही है। भारत में तेजी से फैल रही संक्रमण के बारे में बताते उन्होंने कहा कि देश में मौजूद कुल क्वॉरेंटाइन सेंटर में अब तक 16 से भारतीय के अलावा विदेशी नागरिक भी मौजूद है। उन सबको आइसोलेट किया गया है ताकि यह लोगों को संक्रमित ना कर सके।

गौरतलब हो कि इससे पहले केंद्र सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक राज्य सरकारों ने स्कूल, कॉलेज, समारोह, आयोजन तथा अन्य होने वाले सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। वही प्रधानमंत्री मोदी के आवाहन पर 22 मार्च यानी रविवार को जनता कर्फ्यू लगाया जाएगा।