लोकसभा चुनाव के लिए मोदी ने धार से भरी हुंकार, परंपरागत वोट बैंक को साधने की कोशिश

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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश में भाजपा के लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद धार से कर दिया है। आदिवासी बाहुल्य इलाके धार में होने वाली पार्टी की विजय संकल्प रैली के जरिए प्रधानमंत्री आदिवासी वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश करेंगे, जो कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में जाता हुआ दिखाई दिया है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा| उन्होंने कहा कि विपक्ष वायुसेना की कार्रवाई पर सवाल उठा कर उसका मनोबल कम कर रहा है। मोदी ने कहा, ‘एयरस्ट्राइक पाक में हुई लेकिन इसका सदमा भारत में बैठे कुछ लोगों को लगा। विपक्ष के नेता उस दिन से इस तरह से चेहरा लटकाए हुए हैं जैसे न जाने कौन सा दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।

 

आदिवासी वोट बैंक पर नजर 

 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के सहारे इस क्षेत्र में अपने उस परंपरागत आदिवासी वोट बैंक को बचाने की कोशिश में है जो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ खिसक गया है। मध्यप्रदेश के 29 लोकसभा सीटों में छह सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में बीजेपी ने इन सभी छह सीटों पर कब्जा कर लिया था। बाद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने झाबुआ रतलाम सीट बीजेपी से छीन ली थी। वर्तमान में इन छह सीटों में से पांच पर भाजपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है, लेकिन इस बार बदले सियासी समीकरण में लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए राह उतनी आसान नहीं दिख रही।


विधानसभा चुनाव परिणाम ने बिगाड़ा गणित 

 भाजपा के कब्जे वाली पांचों लोकसभा सीटों पर विधानसभा चुनाव के परिणाम ने पार्टी का गणित बिगाड़ दिया है। धार लोकसभा सीट की आठ विधानसभा सीटों में से छह पर कांग्रेस ने कब्जा कर भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, वहीं मात्र दो विधानसभा सीटों पर जीतने वाली भाजपा अब इस सीट पर अपने वर्तमान सांसद सावित्री ठाकुर का टिकट काटने की तैयारी में है। आज पीएम मोदी की धार में रैली के लिए भाजपा एक बार फिर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है, वहीं आदिवासी बाहुल्य लोकसभा सीट मंडला में भी विधानसभा चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं रहे। मंडला की कुल आठ विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी देते हुए छह सीटों पर कब्जा जमा लिया। शहडोल और बैतूल लोकसभा सीटों पर विधानसभा चुनाव परिणाम बराबरी का रहा, लेकिन भाजपा इन दोनों सीटों पर इस बार अपने चेहरे बदल सकती है, वजह दोनों ही सांसदों का विवादों में रहना। मध्यप्रदेश में कांग्रेस का सबसे बड़ा आदिवासी चेहरा झाबुआ सांसद कांतिलाल भूरिया आदिवासी सीटों पर बीजेपी की घेराबंदी में जुटे हैं।

जयस ने बढ़ाई बीजेपी की टेंशन 

 बीते ढाई दशक से मध्यप्रदेश में बीजेपी का परंपरागत वोट बैंक बन चुके आदिवासियों में जयस ने काफी सेंध लगाई है। आदिवासी इलाकों में अच्छा प्रभाव रखने वाली जयस आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) आदिवासी बाहुल्य छह सीटों पर चुनाव लडऩे के संकेत पहले ही दे चुकी है। आदिवासी विचारधारा की समर्थक जयस ने ऐलान कर दिया है कि जो भी पार्टी जयस विचारधारा को समर्थन देगी पार्टी लोकसभा चुनाव में उसके साथ खड़ी होगी। जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉक्टर हीरालाल अलावा वर्तमान में धार की मनावर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक हैं। ऐसे में जयस का झुकाव स्वाभाविक तौर पर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के तरफ अधिक होगा। जयस संरक्षक हीरालाल अलावा ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर उनकी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत चल रही है। जयस ने धार लोकसभा सीट से भगवान सिंह सोलंकी का नाम आगे बढ़ाया, जिस पर पार्टी को फैसला करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज होने वाली रैली पर अलावा का कहना है कि आदिवासी अब अपने अधिकारों के लिए जाग चुके हैं और जिस केंद्र सरकार ने आदिवासियों को उनके घरों से बेघर करने की तैयारी कर ली थी। वो आदिवासी भाजपा को वोट क्यों देगा। साथ ही अलावा का यह भी कहना है कि भाजपा सरकार आदिवासी को मिलने वाले आरक्षण को खत्म करने की कोशिश करने के साथ ही संविधान की पांचवीं अनुसूची और छठीं अनुसूची में आदिवासी को मिलने वाले अधिकारों को लेकर भी चुप है। अलावा का कहना है कि अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री मोदी आज धार में अपनी रैली में आदिवासियों की इन मांगों पर कुछ बोलते है या बीते पांच सालों की तरह चुप ही रहते हैं।