20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान, मोदी बोले-नए स्वरुप मे होगा लॉकडाउन-4

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नई दिल्ली।आज देश को संबोधित करते हुए  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है।मोदी ने कहा कि इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा। 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा।आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए,इस पैकेज में Land, Labour, Liquidity और  Laws, सभी पर बल दिया गया है।बुधवार से आर्थिक पैकेज की पूरी विस्तार से जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जरिए दी जाएगी सभी तस्वीर साफ की जाएगी।

नए रंग रुप में होगा लॉक डाउन 4.0

मोदी ने कहा कि लॉक डाउन 4 भी होगा।हम मास्क पहनेंगे। 2 गज की दूरी का पालन भी करेंगे और अपने लक्ष्य नहीं भटकेंगे करेंगे।नए नियम वाला होगा, राज्य से मिले सुझाव के आधार पर 18 मई से पहले जानकारी मिलेगी।अब जो महाबंध चौथा होने जा रहा है वह नए रंग-रूप वाला होगा।लॉकडाउन का चौथा चरण, लॉकडाउन 4, पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा। राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन 4
से जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दी जाएगी।लॉक डाउन 4नए रंगरूप वाला होगा।

आत्म निर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा आर्थिक पैकेज

मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत है।करुणा संकट को लेकर हमने पहले भी पैकेज की घोषणा की है कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।हमारी अर्थव्यवस्था में डिमांड और सप्लाई चेन का जो चक्र है,जो ताकत है,उसे पूरी क्षमता से इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।आत्म निर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा आर्थिक पैकेज।

मध्यम वर्ग के लिए आर्थिक पैकेज 

मोदी ने कहा कि पिछले 6 सालों में हमने जो सुधार किए हैं उससे देश आगे बढ़ रहा है और आगे बढ़ता रहेगा यह आर्थिक पैकेज मजदूरों किसानो मध्यमवर्ग उद्योग जगत के लिए है। ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है,देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है। ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है

लोकल के लिये वोकल बनना है

मोदी ने कहा कि आपने भी अनुभव किया है कि बीते 6 वर्षों में जो Reforms हुए, उनके कारण आज संकट के इस समय भी भारत की व्यवस्थाएं अधिक सक्षम, अधिक समर्थ नज़र आईं हैं।अब Reforms के उस दायरे को व्यापक करना है,नई ऊंचाई देनी है। ये रिफॉर्मस खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में होंगे, ताकि किसान भी सशक्त हो और भविष्य में कोरोना जैसे किसी दूसरे संकट में कृषि पर कम से कम असर हो।मोदी ने कहा कि साथियों, आत्मनिर्भरता, आत्मबल और आत्मविश्वास से ही संभव है। आत्मनिर्भरता, ग्लोबल सप्लाई चेन में कड़ी स्पर्धा के लिए भी देश को तैयार करती है। लोकल के लिये वोकल बनना है। लोकल खरीदो,इस्तेमाल करो। आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए ‘वोकल’ बनना है, न सिर्फ लोकल Products खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है।मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है।

भारत ने आपदा को अवसर में बदला

मोदी ने कहा- ‘‘मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं। हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा। सबकुछ ध्वस्त हो गया था। ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था। उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालत बदल पाएगी। लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ। कच्छ बढ़ चला। यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।’’पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया।  जब कारोना संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी पीपीई या एन 95 मास्क बनता हो।जब कोरोना संकट शुरु हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई (PPE) किट नहीं बनती थी।एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था। आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज 2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा करीब 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान हमने कर दिया है।

 21वी शताब्दी हमारी हो ये जिम्मेदारी हमारी है

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा हो रहे हैं। एक वायरस ने दुनिया को तहस नहस कर दिया है। लेकिन टूटना,हारना,झुकना मानव को मंजूर नही है।हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा।हम पिछली शताब्दी से भी लगातार सुनते आए है कि 21वी शताब्दी हिंदुस्तान की है।दुनिया में जो स्थिति या बन रही है वो हम देख रहे है, 21वी शताब्दी हमारी हो ये जिम्मेदारी हमारी है। इसका मार्ग क्या हो, विश्व की आज कि स्थिति हमें ये सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है आत्मनिर्भर भारत। शास्त्रों में भी यही लिखा है आत्म निर्भर भारत।इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संदेश लेकर आई है, अवसर लेकर आई।

 भारत के अभियानों का असर दुनिया पर

मोदी ने कहा कि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। अर्थकेंदृत वैश्वीकरण बनाम मानव केंद्रित वैश्वीकरण सामने है।भारत की संस्कृति और संस्कार आत्म निर्भरता की बात करते है। विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन,
आशा की किरण नजर आता है।भारत की संस्कृति, भारत के संस्कार,उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं। जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम है।जो पृथ्वी को मां मानती हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि, जब आत्मनिर्भर बनती है, तब उससे एक सुखी-समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है।जब भारत खुले में शौच से मुक्त होता है तो दुनिया की तस्वीर बदल जाती है।टीबी हो, कुपोषण हो,पोलियो हो। भारत के अभियानों का असर दुनिया पर पड़ता ही पड़ता है। टीबी से लेकर कुपोषण को लेकर किए गए प्रभाव विश्व भर में देखे गए है।

130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

मोदी ने कहा कि भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस, ग्लोबल वॉर्मिंग
के खिलाफ भारत की सौगात है। इंटरनेशनल योगा दिवस की पहल, मानव जीवन को तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए भारत का उपहार है।इन कदमों से दुनिया भर में भारत की प्रशंसा होती है तो स्वाभाविक है हर भारतीय गर्व करता है उस पर जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती हैं।
इन कदमों से दुनिया भर में भारत की भूरि-भूरि प्रशंसा होती है, तो हर भारतीय गर्व करता है। सवाल ये है कि आखिर कैसे इस सवाल का भी उत्तर है 130 करोड़ भारतीयों का आत्म निर्भर संकल्प। दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है, मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है।सवाल यह है –
कि आखिर कैसे? इस सवाल का भी उत्तर है- 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प।

हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट

मोदी ने कहा कि भारत के कार्य का प्रभाव विश्वकल्याण पर पड़ता है दुनिया को भरोसा भारत बहुत अच्छा कर सकता है हमें पहले भी सोने की चिड़िया कहा जाता रहा है। आधुनिक भारत विकास की ओर सफलता की ओर कदम बढ़ा रहा है नित नए खोजो रहे हैं नित्य नए रास्ते पर हम आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा आज हमारे पास साधन है समर्थ है उसे आगे ले जाना है। पीएम मोदी ने कहा हम अपनी तकनीक और बेहतर बनाएंगे हमारे टेक्नोलॉजी का सबने लोहा माना है सप्लाई चैन को बेहतर बनाएंगे। आज हमारे पास साधन हैं, हमारे पास सामर्थ्य है, हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है, हम Best Products बनाएंगे, अपनी Quality और बेहतर करेंगे,
सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे, ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे।

हम सप्लाई चैन को और आधुनिक बनाएंगे

पीएम मोदी ने कहा हम ठान ले कोई ऐसा काम नहीं जो हम नहीं कर सकते हैं दुनिया ने भारत के कामों की तारीफ की है हमारे लिए कोई काम मुश्किल नहीं है।  इकनॉमि क्वांटम जंप लाए यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है।
हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना। पीएम मोदी ने कहा कुछ असंभव नहीं है कुछ मुश्किल भी नहीं है जिंदगी और मौत की लड़ाई में भारत की दवाएं हम हैं हम सप्लाई चैन को और आधुनिक बनाएंगे।