मप्र में सरकारी भर्ती की आयु सीमा में 5 साल की वृद्धि करने की तैयारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकारी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में फेरबदल किया जा रहा है वर्दीधारी व छोटे पदों पर आयु सीमा में 5 साल की वृद्धि करने की तैयारी है । इसमें पुलिस आरक्षक सब इंस्पेक्टर जेल आरक्षक, वन विभाग आदि भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष हो जाएगी।  वही आरक्षित पदों पर उम्मीदवारों को पांच साल की छूट मिलेगी, यानी आरक्षित पदों के लिए 38 वर्ष के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जल्द ही इसे कैबिनेट में रखा जाएगा।

इससे पहले 5 जून 2017 को तत्कालीन शिवराज सरकार ने आयु सीमा में बदलाव किया था। तब मध्यप्रदेश के निवासी को 5 साल की छूट देकर वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष की गई थी, वहीं प्रदेश के बाहरी उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष यथावत रखी थी। इस पर हाईकोर्ट का कहना था कि सरकार प्रदेश के मूल निवासी और बाहरी उम्मीदवारों की भर्ती आयु में अंतर नहीं कर सकती। जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पिछले दिनों कोर्ट के फैसले के आधार पर वर्दीधारी पदों की आयु सीमा को पहले की तरह करने 28 वर्ष करने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन इस प्रस्ताव को मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने खारिज कर दिया था। मंत्री का कहना था कि कांग्रेस हर हाल में अपने वचन को निभाएगी और इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक उन्होंने फ़ाइल पर लिखा कि भर्ती की अधिकतम आयु सामान्य वर्ग के लिए 33 वर्ष और महिला सहित आरक्षित पदों के लिए 38 वर्ष की जाए। मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया है, इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जा सकता है, जहां से इस पर मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। आयु सीमा में होने जा रहे इस बदलाव का लाभ मध्य प्रदेश के मूल निवासियों के साथ ही बाहरी उम्मीदवारों को भी मिलेगा।

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