सक्रिय राजनीति में प्रियंका की ‘एंट्री,’ कितना असरदार राहुल का ‘मास्टरस्ट्रोक’

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भोपाल| साल 2014 के लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद बिखरी कांग्रेस को चुनाव के मुहाने पर मिली तीन राज्यों की जीत ने फिर खड़ा कर दिया है| जिसके बाद अब प्रियंका गाँधी की सक्रिय राजनीति में एंट्री करवाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मास्टर स्ट्रोक खेला है| यह फैसला इस लिए भी बड़ा माना जा रहा है क्यूंकि लम्बे समय से प्रियंका को मुख्यधारा की राजनीति में लाने की मांग उठती रही है, उनके अच्छे खासे समर्थक देश भर में हैं और इंदिरा गाँधी की झलक उनमे देखते हैं| कांग्रेस में इंदिरा गाँधी के बाद सोनिया ने कांग्रेस की कमान संभाली लेकिन उनके लगातार अस्वस्थ होने के चलते अब प्रियंका इस चुनाव में खासा असर छोड़ सकती है| जिसके कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं| जिस तरह बसपा और सपा के गठबंधन से कांग्रेस को चुनौती मिल रही थी, इस कदम से कांग्रेस को फायदा मिल सकता है| अब देखना होगा लोकसभा चुनाव से पहले राहुल का यह मास्टर स्ट्रोक कितना असर दिखाता है|  

दरअसल, पार्टी हाई कमान ने प्रियंका गाँधी को कांग्रेस का महासचिव बनाते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है। प्रियंका गांधी की लोकप्रियता और आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए ये कदम उठाया गया है| इस फैसले को लेकर देश भर में चर्चा शुरू हो गई है|  माना जा रहा है कि प्रियंका के राजनीति में आने से कांग्रेस मजबूत होगी और उसका प्रभाव पूरे देश की राजनीति पर पड़ेगा| कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका को प्रभारी बनाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने प्रियंका को केवल दो महीने के लिए नहीं भेजा है बल्कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिशन सौंपा है| बता दें कि सिंधिया को पश्चिमी यूपी का प्रभार दिया गया है| कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि प्रियंका और ज्योतिरादित्य काम करेंगे। जो उत्तर प्रदेश को चाहिए, जो उत्तर प्रदेश के युवा को चाहिए, वह कांग्रेस पार्टी ही दे सकती है । 

भाजपा ने कसा तंज, एक ही परिवार की पार्टी 

प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर जहां कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि अब भाजपा डर रही है| वहीं भाजपा ने भी कांग्रेस पर तंज कसा है| भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कांग्रेस एक ही परिवार की पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की महासचिव के तौर पर नियुक्ति इस बात को दर्शाती है कि कांग्रेस एक ही परिवार की पार्टी है। प्रियंका गांधी की नियुक्ति एक बात को दर्शाती है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी की असफलता को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है। पात्रा ने कहा महागठबंधन से ठुकराए जाने के बाद कांग्रेस को घर की बैसाखी की ज़रूरत थी। उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया में यह सवाल पूछा जा रहा है कि नेहरू जी के बाद इंदिरा जी फिर राजीव, फिर सोनिया जी, फिर राहुल जी और अब प्रियंका जी। भाजपा में पार्टी ही परिवार है तो कांग्रेस में परिवार ही पार्टी है। यही फर्क है हमारे बीच।