मप्र में फिर शुरू हुआ अच्छी बरसात का दौर, इन जिलों में भारी बारिश के आसार

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भोपाल| मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रीय हो गया है और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो गया है| बुधवार को कई जिलों में सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर शुरू हो गया है| बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के क्षेत्र के असर से प्रदेश के अनेक स्थानों पर झमाझम बरसात होने के आसार बन गए हैं।  मौसम केंद्र के मुताबिक बुधवार को इस सिस्टम के गहरे अवदाब के क्षेत्र में तब्दील होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इससे बुधवार-गुरुवार को ग्वालियर, चंबल, रीवा, भोपाल, सागर संभाग में अच्छी बरसात होगी। रुकरुक बारिश का यह दौर आने वाले दिनों में जारी रहने के आसार है| 

मंगलवार को भाेपाल में सुबह 7:30 से 8:00 बजे तक आधा घंटे में ही 2 इंच से ज्यादा पानी बरस गया। कैचमेंट एरिया में भी बारिश हुई। इस वजह से बड़े तालाब के लेवल में 1.10 फीट का इजाफा हुअा। अब इसका जल स्तर 1664.00 फीट पर पहुंच गया है। फुल टैंक लेवल हाेने के लिए अब सिर्फ 2.80 फीट पानी की ही जरूरत है। वरिष्ठ माैसम वैज्ञानिक के मुताबिक 7 से 10 अगस्त के बीच उज्जैन, भाेपाल, इंदाैर, जबलपुर और  हाेशंगाबाद संभागाें में भारी बारिश हाेने की संभावना है। इनमें से कुछ स्थानाें में बहुत ज्यादा बारिश भी हाे सकती है।

अगले 24 घंटे के दौरान भी झाबुआ, अलीराजपुर, भिंड, हरदा, दतिया, श्योपुर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, होशंगाबाद, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, शहडोल, सिवनी और सिंगरौली जिलों में कहीं कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। अन्य क्षेत्रों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं पिछले चौबीस घंटों में गुजरात के सीमावर्ती मध्यप्रदेश झाबुआ जिले में अरब सागर में बने सिस्टम से भारी बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक मंगलवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक जबलपुर में 39.2, पचमढ़ी में 34.0, सागर में 31, ग्वालियर में 20, रायसेन में 17, रीवा में 7.0, भोपाल में 3.6, बैतूल में 2 मिमी. बरसात हुई।

यहां हुई भारी बारिश 

मालवा निमाड़ के जिलों में कई स्थानों पर सोमवार-मंगलवार को तेज बारिश हुई। नीमच में एक घंटे की बारिश से महू-नसीराबाद राजमार्ग सहित शहर के कई हिस्सों में जलजमाव के हालात बन गए। वहीं धार जिले के डूब प्रभावित क्षेत्र निसरपुर में पुल पर मंगलवार शाम नर्मदा का बैक वाटर आ गया। इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। वहीं गुजरात में आई बाढ़ के साथ मध्यप्रदेश की नर्मदा नदी की दो सहायक नदियों पर बने बांधों शहीद चंदशेखर आजाद डेम (जोबट डेम) और बड़वानी की गोई नदी पर शहीद भीमा नायक डेम (लोअर गोई) भरने के बाद पानी निकासी के चलते यह स्थिति बनी है। निसरपुर में जलस्तर 128.50 मीटर होने पर कु छ निचली बस्तियों में मकान खाली करवाने पड़ेंगे।  झाबुआ जिले में रायपुरिया के तलावपाड़ा में घरों और खेतों में पानी घुसने से नुकसान पहुंचा है। पारा क्षेत्र में 840 एकड़ में सिंचाई क्षमता वाला धमोई सागर भी लबालब हो गया है। 

मौसम को प्रभावित करने वाले कारक

मौसम केंद्र के मुताबिक उड़ीसा पश्चिम बंगाल के समुद्री तट पर एक डिप्रेशन (अवदाब) बन गया है, जो अगले 24 घंटे में और गहरा होकर गहरा अवदाब में बदलने की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उड़ीसा पश्चिम बंगाल समुद्र तट को पार कर आगे बढ़ने की संभावना है। एक अन्य द्रोणिका दक्षिण गुजरात से उत्तरी महाराष्ट्र, दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिण उड़ीसा से होते हुए उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक जा रही है, जो हवा के ऊपरी भाग में 3.6 एवं से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण दिशा की ओर झुका हुआ है। मानसून द्रोणिका मीन सी लेवल पर गंगानगर, हिसार, मैनपुरी, मिर्जापुर, रांची, जमशेदपुर से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक जा रही है, जो 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित है।

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