Rajya Sabha: शपथ के बाद सिंधिया-दिग्विजय को संसदीय समितियों में मिली ये जिम्मेदारी

नई दिल्ली/ भोपाल।
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ ग्रहण के बाद संसद के उच्च सदन की विभिन्न विभाग संबंधी स्थायी समितियों का सदस्य नामित किया है।इस समिति में मध्यप्रदेश के सांसदों को भी जगह दी गई है। जहां भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मानव संसाधन विकास संबंधी स्थायी समिति का सदस्य बनाया गया है, वही कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह को शहरी विकास संबंधी समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया।इसी संसदीय समिति में सुमेर सिंह सोलंकी को भी शामिल किया गया है।

दरअसल. राज्यसभा (Rajya Sabha) के नवनिर्वाचित 61 सदस्यों में से 45 को बुधवार को शपथ दिलवाई गई थी। शपथ के बाद राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने गुरुवार को सभी सदस्यों को विभिन्न समितियों में शामिल किया।इनमें वो सदस्य भी शामिल है जिन्होंने अब तक सदस्यता की शपथ नहीं ली है। हालांकि उन्हें सदस्यता ग्रहण करने के बाद ही समिति की बैठकों में भाग लेने की इजाज़त मिलेगी ।वही कुछ पुराने सांसदों को जिम्मेदारी दी गई है।पुराने सदस्य भाजपा के सांसद विनय सहस्त्रबुद्धि को पदोनत्ति दी गई है, उन्हें मानव संसाधन मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वो बीजेपी नेता सत्यनारायण जटिया का स्थान लेंगे जिनका सदस्य के तौर पर कार्यकाल ख़त्म हो चुका है। सहस्रबुद्धे नरेंद्र मोदी के मिशन ‘एक देश एक चुनाव’ को बढ़ावा देने में काफ़ी दिनों से काम कर रहे है।

इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मलिकार्जुन खरगे और शिवसेना से नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका चतुर्वेदी को कॉमर्स समिति का सदस्य बनाया गया है।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद शरद पवार रक्षा संबंधी समिति के सदस्य बनाए गए हैं। लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एम थम्बी दुरई को मानव संसाधन विकास संबंधी समिति और राज्यसभा के पूर्व उप सभापति हरिवंश को कृषि संबंधी समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया है।राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एच देवगौड़ा को रेल संबंधी समिति जबकि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को विदेश मामलों संबंधी स्थायी समिति का सदस्य नामित किया गया।

बता दे कि लोकसभा स्पीकर, राज्यसभा के उपसभापति, प्रधानमंत्री और अन्य सभी मंत्रियों को छोड़कर संसद का हर सदस्य किसी ना किसी संसदीय स्थायी समिति का सदस्य बनाया जाता है। मंत्रालय से जुड़ी हर स्थायी समिति में अध्यक्ष समेत 31 सदस्य होते हैं, जिनमें 21 लोकसभा के जबकि 10 राज्य सभा के सदस्य होते है।