राशन दुकानों पर मांसाहार के विरोध में निकाली गयी रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

अशोकनगर//अलीम डायर। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा राशन की दुकानों पर अंडा, मांस मछली एवं चिकन वितरण तथा राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र पर अंडा वितरण के प्रस्ताव को लेकर विरोध में एक रैली निकालकर ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर विश्व हिन्दू परिषद एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, दिगंबर जैन महिला महासमिति मुंगावली के तत्वाधान में शाकाहार रैली का आयोजन कर तहसीलदार को एक ज्ञापन दिया गया। इसमे मांसाहार वितरण पर रोक की मांग की गई। इस रैली में जैन पंचायत के पदाधिकारी ,महिला महा समिति ,पाठशाला परिवार के बच्चे एवं विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी ,गणमान्य नागरिको ने भाग लिया|

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

इस रैली में शामिल शाकाहार समर्थकों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन पुलिस थाने पॅहुचकर तहसीलदार को दिया ज्ञापन का वाचन करते हुए जैन समाज के लोगो ने कहा कि भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा विजन डाक्यूमेन्ट 2035 के तहत 1अप्रैल 2020 से आगामी 15 वर्ष तक भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिए ये निन्दनीय निर्णय लिया गया है, जिसमें राशन की दुकानों पर अण्डा माँस मछली एवं चिकन का वितरण सस्ते दाम पर किया जाएगा।

मांसाहार की दुकानें बढ़ेंगी और बीमारियां फैलेंगी

रैली में शामिल लोगों ने बताया कि इस एक गलत निर्णय से गली गली में माँसाहार की दुकानें खुल जाएंगी, जिसके कारण अनेक बीमारियाँ फैलेंगी। इसके अलावा माँस विक्रय के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कार्यरत शाकाहारी लोगों को रोजगार छोड़ना पड़ेगा जिससे देश में बेरोजगारी बढेगी। इसी प्रकार मप्र सरकार द्वारा भी 1 अप्रैल से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अण्डा वितरण का बहुत ही घटिया निर्णय लिया गया है, जिसमें छोटे छोटे बच्चों को बचपन से ही माँसाहारी बनाकर उनका भी धर्म भ्रष्ट किया जाएगा।

महिलाओं के लिए अलग से शराब की दुकान पर भी आपत्ति

महिला समिति के सदस्यों ने महिलाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा अलग से दुकान खोले जाने का विरोध करते हुए कहा कि अलग से दुकान खोल जाने से युवा पीढ़ी की महिलाएं शराब की तरफ आकर्षित होगी। युवा पीढ़ी नशे की आदी हो जाएगी जो कि समाज की लिए घातक है।