RSS कार्यकर्ता हत्याकांड का पर्दाफाश, मृतक ही निकला कातिल, ऐसे खुला राज़

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रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के कमेड़ गांव में हुई सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है| अब तक यह मामला आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या का था| लेकिन मामले में तब नया मोड़ सामने आया जब शव की पहचान के लिए लाश का डीएनए टेस्ट कराया गया| यह हत्या आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की नहीं, बल्कि उसके पूर्व नौकर मदन मालवीय की हुई थी। पुलिस ने इस हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि हिम्मत पाटीदार ने ही इस हत्या को अंजाम दिया है, यह हत्या उसने 20 लाख के बीमे का फायदा उठाने और बाजार से लिया कर्ज न चुकाने की नीयत से की है। पुलिस अब इस पहलू पर जांच कर रही है। हिम्मत की तलाश की जा रही है, आरोपी पर इनाम घोषित किया गया है| 

जानकारी के मुताबिक छह दिन पहले कमेड़ गांव में युवक की हत्या के बाद चेहरा जलाने का मामला सामने आया था| यह मामला प्रदेश भर में गर्माया और विरोध प्रदर्शन भी हुए| शव की शिनाख्त आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार के रूप में की गई थी, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद यह खबर फैली कि शव हिम्मत का नहीं, मदन का हो सकता है। पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया तो शव हिम्मत का नहीं बल्कि मदन का पाया गया, जो इस हत्या के बाद से ही लापता था और अब तक मदन को ही हत्या का आरोपी मानकर तलाश की जा रही थी|  अब माना जा रहा है कि हत्या हिम्मत ने की है और पहचान छिपाने के लिए उसने मदन को अपने कपड़े पहनाकर उसका चेहरा जला दिया था। यह हत्या उसने 20 लाख के बीमे का फायदा उठाने और बाजार से लिया कर्ज न चुकाने की नीयत से की है। पुलिस अब इस पहलू पर जांच कर रही है।

ऐसे सुलझी गुत्थी 

इस हत्या के बाद जब पुलिस ने छानबीन शुरू की तो मदन के घरवालों से पूछताछ की गई| जिससे पता चला कि मदन दो साल पहले हिम्मत पाटीदार के खेत पर काम करता था और 22 जनवरी की रात से लापता था।  पुलिस ने खेत के आस-पास, मदन के घर जाने के रास्ते पर सबूत तलाशे तो उसे कई अहम सुराग मिले। पुलिस को घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर एक जोड़ी जूते मिले, जिस पर मिट्टी लगी हुई थी। पुलिस ने कपड़े और जूते मदन के पिता को दिखाए तो उन्होंने इसे पहचान लिया। जिसके बाद कहानी में ट्विस्ट आया| अब तक शव हिम्मत पाटीदार का बताया जा रहा था| पुलिस ने  लाश का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया। पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार और मदन के परिजनों के ब्लड सैंपल लिए। जिसे सागर फॉरेंसिक लैब भेजा गया। रिपोर्ट से पुलिस का शक यकीन में तब्दील हो गया कि लाश हिम्मत की नहीं बल्कि उसके खेत पर काम करने वाले मदन की ही थी।  

प्रदेश भर में चर्चा में रहा हत्याकांड, शिवराज ने जताया था शोक  

इस हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फेल गई थी और कानून व्यवस्था के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच यह मामला भी प्रदेश में चर्चित हो गया। हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट करते हुए दुख प्रकट किया था और कमलनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला था।अब इस मामले में नए खुलासे से एक बार फिर सनसनी फेल गई है| 


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