जबलपुर हाईकोर्ट से मंत्री रामकिशोर कावरे के भाई को बड़ी राहत, याचिका खारिज

कोर्ट ने साफ किया कि जनहित याचिककार्ता अपने आरोप साबित करने में असफल रहा है। लिहाजा, मामला आगे चलाए जाने योग्य नहीं है।

JABALPUR HIGHCOURT

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने शिवराज सरकार (Shivraj government में राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे (Ramkishore Kavre) को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके भाई राजकुमार कावरे के खिलाफ लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस संजय यादव और विजय कुमार शुक्ला (Chief Justices Sanjay Yadav and Vijay Kumar Shukla) की डिवीजन बैंच ने रामकुमार की पैरोल निरस्त (Parole revoked) मामले में लगी याचिका को खारिज कर दिया है।

दरअसल, यह याचिका (Petition) बालाघाट से पूर्व सांसद कंकर मुंजारे (Former MP Kankar Munjare) ने लगाई थी। पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवेंद्र पांडे और राहुल गुप्त ने पक्ष रखा था कि राजकुमार कावरे को हत्या (Murder) के मामले में आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा हुई थी। 2003 में सात साल काटने के बाद राजकुमार को पेरोल पर रिहा कर दिया था, लेकिन इसके बाद से राजकुमार लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न है। 2003 से उस पर अब तक दर्जनों अपराध पंजीबद्ध किए गए। लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते राजकुमार ने रेत के अवैध कारोबार के साथ साथ लगातार पेरोल की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है, जिसका बाद कोर्ट ने 4 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि जनहित याचिककार्ता अपने आरोप साबित करने में असफल रहा है। लिहाजा, मामला आगे चलाए जाने योग्य नहीं है।जनहित के संबंध में तथ्य नहीं रखे जा सके। जनहित का बिंदु भी ठीक से रेखांकित नहीं किया जा सका।कोर्ट को बताया गया कि इस लापरवाही के चलते राजकुमार कावरे लगातार अपराध कर लोगों में दहशत फैला रहा है। आग्रह किया गया कि राजकुमार के खिलाफ की गई शिकायत पर जल्द करवाई की जाए। वहीं राज्य सरकार (State Government) की ओर से उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने जनहित याचिका में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।

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