ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

पीसीसी चीफ कमलनाथ (PCC Chief Kamal Nath) के निर्देश पर ग्वालियर शहर जिला इकाई (Gwalior city district unit) में मंगलवार को बनाये गये चार कार्यवाहक अध्यक्षों (Four Acting Presidents) की नियुक्ति का मामला गरमा गया है। भोपाल पहुंचे ग्वालियर के कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से मिलकर विरोध जताया । कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस विधानसभा(Vidhansabha) में उप चुनाव (by election) हैं वहाँ एक भी कार्य वाहक अध्यक्ष नहीं बनाया जबकि जहाँ चुनाव नहीं है वहाँ तीन कार्य वाहक अध्यक्ष बना दिये, जो गलत है। जिला संगठन प्रभारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में जबरदस्त नाराजगी है जिसका असर उप चुनाव में हो सकता है।

प्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर कांग्रेस तैयारी में जुटी है लेकिन उसकी दुश्वरिया कम नहीं हो रही। पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खेमेबाजी में बंटी कांग्रेस को सामंजस्य बैठा पाना मुश्किल हो रहा है। ताजा उदाहरण मंगलवार को ग्वालियर जिले में हुई नियुक्तियाँ हैं। दरअसल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्र प्रभाष शेखर के हस्ताक्षर से चार नियुक्तियाँ मंगलवार को ककी। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस कमेटी में चार कार्य वाहक अध्यक्ष नियुक्त किये गए हैं। इनमें वरिष्ठ नेता महाराज सिंह पटेल, अमर सिंह माहौर, मोहन माहेश्वरी और युवा नेता इब्राहिम पठान के नाम शामिल हैं। लेकिन जैसे ही नियुक्तियों की अधिकृत सूचना ग्वालियर पहुंची और नाम सामने आये तो पार्टी में ही लोग नियुक्तियों का आधार तलाशने लगे। क्योंकि उपचुनावों के बीच हो रही नियुक्तियों में पार्टी के नेता चुनावी गणित ढूँढने लगे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। पीसीसी ने जिन नेताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किये उनमें तीन नेता अमर सिंह माहौर, मोहन माहेश्वरी और इब्राहिम पठान तो ग्वालियर दक्षिण विधानसभा में निवास करते हैं। यानि एक ही विधानसभा से तीन कार्यवाहक अध्यक्ष और बड़ी बात इनमें से इब्राहिम पठान पहले से ही ब्लॉक अध्यक्ष हैं और अब उन्हें जिले में कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। चौथे कार्यवाहक अध्यक्ष महाराज सिंह पटेल जरूर ग्वालियर विधानसभा में निवास करते हैं। जबकि पार्टी ने ग्वालियर पूर्व विधानसभा को नजर अंदाज कर दिया। गौरतलब है कि उपचुनाव ग्वालियर और ग्वालियर पूर्व विधानसभा में ही है जबकि ग्वालियर दक्षिण में तो विधायक प्रवीण पाठक पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। नियुक्तियों के बाद इसका विरोध शुरू हो गया। ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया चर्चा होने लगी कि उपचुनावों के बीच हो रही ये नियुक्तियाँ पार्टी हित में हो रही हैं या नेताओं को उपकृत करने के लिए चेहरे देखकर।

पीसीसी चीफ कमलनाथ से मिलकर जताया विरोध

मंगलवार को हुई नियुक्तियों के बाद बुधवार को ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन प्रभारी लतीफ खां मल्लू, पूर्व उप नेता चतुर्भुज धनेलिया और मण्डलम अध्यक्ष दलवीर भोरे को साथ लेकर
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर पहुंचे। उन्होंने पीसीसी। चीफ कमलनाथ से इन नियुक्तियों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। चर्चा में उन्होंने कहा कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा में उपचुनाव है यहाँ पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर निवास करते हैं और इसी विधानसभा को नजरअंदाज कर दिया हो । जबकि ग्वालियर दक्षिण में कोई चुनाव नहीं है और वहां तीन कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किये गए हैं । इस परिस्थिति में ग्वालियर पूर्व के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त नाराज़गी पनप रही है ।

ढाई तीन सौ कार्यकर्ता नाराज, एक सप्ताह की दी चेतावनी

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए लतीफ खां मल्लू ने कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से कहा है कि इन नियुक्तियों में ग्वालियर पूर्व को नजरअंदाज किए जाने से इस विधानसभा के दो ढाई तीन सौ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है और यदि एक सप्ताह में इस पर फैसला नहीं हुआ तो कुछ भी हो सकता है। मल्लू ने कहा कमलनाथ ने उनसे कहा है कि वे पता लगाएंगे कि कहाँ चूक हुई है इसपर जल्दी ही वे कोई निर्णय लेंगे।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि मंगलवार को जब इन नियुक्तियों के आदेश ग्वालियर पहुंचे थे तो सबसे पहले एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने इसका विश्लेषण किया था और पार्टी में उठ रहे विरोध के सुरों का खुलासा किया था और जब ये मामला भोपाल में कमलनाथ के दरबार में पहुंचे गया तो हमारी खबर पर मुहर लग गई। बहरहाल अब देखना ये होगा कि क्या कमलनाथ इसमें बदलाव करते हैं या जिन नेताओं के दबाव में ये नियुक्तियाँ हुई है वे ज्यादा ताकतवर साबित होते हैं।