Sadhvi-Pragya-told-the-reason-for-coming-into-politics

भोपाल।

इन दिनों भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा मीडिया में जमकर सुर्खियां बटोर रही है। आए दिन उनके द्वारा दिए गए बयान सियासी गलियारों में जमकर हलचल मचाए हुए है। अब साध्वी ने फिर बड़ा बयान दिया है, हालांकि यह विवादित नही है लेकिन उन्होंने यह जरुर बताया है कि उनका राजनीति में आने का उद्देश्य क्या है। साध्वी का कहना है कि  मैं राजनीति में सिर्फ इसलिए आई हूं कि यह संदेश दे सकूं कि भगवा आतंकवाद नहीं हो सकता। 

दरअसल, शनिवार को साध्वी ब्राह्मण समाज की बैठक को संबोधित करने पहुंची थी, जहां उन्होंने कहा कि मेरी राजनीति करने की कोई इच्छा नहीं है, न मैं कभी राजनीति करना चाहती थी। जब मुझसे विरोधी के खिलाफ चुनाव लड़ने का पूछा गया तो मैंने तुरंत हां कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति में सिर्फ इसलिए आई हूं कि यह संदेश दे सकूं कि भगवा आतंकवाद नहीं हो सकता।  साध्वी ने कहा कि सीता और द्रोपदी को अपमानित करने वाले भी नहीं बचे थे। इस कलयुग में भी भगवाधारी सन्यासी का अपमान किया गया, इसकी सजा जनता उन्हें जरूर देगी।

वही दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चुनाव हारने के बाद 16 साल तक सिर नहीं उठा पाया, उसने आज फिर सिर उठाने की कोशिश की है, लेकिन अब उनके सामने उनके षडयंत्रों की प्रत्यक्ष प्रमाण खड़ी है।इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें आराम के लिए रिवेरा टाउन ले जाया गया ।डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने आराम किया। इस वजह से शनिवार दोपहर बाद वे जनसंपर्क नहीं कर सकीं। हालांकि आज से वे फिर अपना जनसंपर्क शुरु करेंगी।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को खौफनाक बम ब्लास्ट हुआ था। उस धमाके में 7 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ये धमाका रमजान के माह में उस वक्त किया गया था, जब मुस्लिम समुदाय के बहुत सारे लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे। इस धमाके के पीछे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों का हाथ होने की बात सामने आई थी। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, स्वामी असीमानंद और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को मुख्य आरोपी बनाया गया था। एनआईए की विशेष अदालत ने पिछले जून 2016 में आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।इसके बाद 25 अप्रैल, 2017 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सशर्त जमानत दे दी है।हालांकि उन्हें इस मामले में क्लीनचिट भी मिल चुकी है।इसके बाद 18 अप्रैल, 2019 को प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया। वही बीजेपी ने प्रज्ञा को भोपाल से लोकसभा प्रत्याशी बना दिया।इसके बाद से साध्वी साबित करने में जुटी है कि हिन्दु आतंकवादी नही होता और उन्हें फंसाया गया था।