सतना में कुपोषित बच्ची का मामला, सीएम के निर्देश पर जागा प्रशासन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। 2023 के चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में घोटालों की सुगबुगाहट बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। सीएजी रिपोर्ट से पोषण आहार योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद से सियासी गलियारों में हलचल है। इस रिपोर्ट के मुताबिक महिला बाल विकास विभाग में 110 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। ये मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि सतना में एक कुपोषित बच्ची पाई गई..जिससे हड़कंप मच गया है।

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चित्रकूट के सुरंगी टोला में एक गंभीर रूप से कमजोर बच्ची का वीडियो वायरल हुआ। ये भी कहा जा रहा है कि सोमवती नाम की इस बच्ची को डायबिटीज भी है। मामला सामने आने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सतना कलेक्टर को निर्देश दिए और सोमवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कलेक्टर अनुराग वर्मा ने महिला बाल विकास परियोजना चित्रकूट की परियोजना अधिकारी भाग्यवती पाण्डेय को निलंबित कर दिया है।  सीडीपीओ, सुपरवाइजर को भी निलंबित किया गया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को पद से पृथक कर दिया है।

चित्रकूट के वार्ड क्रमांक 13 के अंतर्गत सुरंगी टोला में सात साल की सोमवती अपने नाना के घर रहती है। इसके नाना और मौसी मजदूरी करते हैं। बच्ची का जन्म 2015 में हुआ था और जुलाई 2019 व नवंबर 2020 में उसे महिला बाल विकास विभाग की सेवाओं के साथ एनआरसी सामुदायिक केंद्र मझगवां में भर्ती कर उसका उपचार किया गया था। बावजूद इसके वो अति कुपोषण की शिकार है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बच्ची कितनी कमजोर है और वो सिर्फ हड्डियों का ढांचा नजर आ रही है। ये वीडियो सामने आने के बाद से मामले में आलोचना झेल रही शिवराज सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को हटा दिया है। इसके तहत तीन कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की है। मामले में सीएम ने खुद ट्वीट करते हुए कहा था कि बच्ची को समुचित उपचार मुहैया कराया जा रहा है।