शिवराज कैबिनेट ने मप्र भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2022 को दी मंजूरी, विधानसभा में होगा पेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। राजस्व मंडल ग्वालियर में प्रस्तुत प्रकरणों की सुनवाई तथा निराकरण अब एकल सदस्य की जगह राजस्व मंडल के दो या दो से अधिक सदस्यों की खंडपीठ द्वारा की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2022 को विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूर कर दिया गया।

एकल सदस्य की जगह खंडपीठ लेगी राजस्व मंडल ग्वालियर में मामलों पर निर्णय

इस फैसले की जानकारी देते हुए प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा राजस्व मामलों में सुनवाई के उपरांत लिए गए निर्णय राजस्व की शीर्ष संस्था होने के कारण प्रदेश के समस्त राजस्व न्यायालयों में अनिवार्य रूप से लागू होते हैं, परंतु कुछ समय से ऐसा देखने में आया कि राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा लिए गए निर्णयों में विसंगतियां सामने आई हैं। प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करने एवं ऐसे निर्णयों से लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार ने राजस्व मंडल ग्वालियर द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों में एकल सदस्य की जगह अब खण्डपीठ द्वारा सुनवाई एवं निर्णय लिए जाने का फैसला किया है। राज्य सरकार के इस अहम फैसले से जहां एक ओर जनता को सुलभ न्याय मिलेगा, वहीं न्यायालयीन व्यवस्था प्रबल एवं निष्पक्ष होगी। गौरतलब है कि राजस्व एवं परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी सँभालने के बाद से गोविंद सिंह राजपूत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में दशकों पुराने राजस्व कानून में लगातार नवाचारों के जरिये संशोधन कर प्रदेश की जनता के लिए सरल और सुलभ तथा सुविधाओं से युक्त निर्णय करते हुए एक नई नजीर पेश कर रहे हैं। आज स्थिति यह है कि राजस्व विभाग के कई निर्णय और प्रक्रियाओं को आम आदमी अपने मोबाइल पर ही प्राप्त कर रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय को 885 हेक्टेयर भूमि का आवंटन

राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय को बीज फार्म विकास के लिए मुरैना जिले के ग्राम जखौना, रिठौराखुर्द, गड़ौरा एवं गोरखा में 885. 344 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय मध्यप्रदेश की कैबिनेट ने लिया है। श्री राजपूत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय से ग्वालियर चंबल क्षेत्र के साथ प्रदेश के किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीच उपलब्ध हो सकेंगे।