शिवराज सरकार की बड़ी तैयारी, आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रख बनाए जाएंगे नए कानून

मामले में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि विधेयक तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। व्यवस्था से अपराध को नियंत्रित किया जाएगा।

सीएम शिववराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (mp) में लोक सुरक्षा (public safety) के मद्देनजर शिवराज सरकार (shivraj government) ने बड़ी तैयारी की है। दरअसल लोक संपत्ति (public property) को नुकसान पहुंचाने वाले से वसूली का कानून बनाने के बाद शिवराज सरकार लोक सुरक्षा को लेकर कानून (law) बनाने की तैयारी में है। इस मामले में गृह विभाग द्वारा विधानसभा के फरवरी-मार्च 2022 के प्रस्तावित बजट सत्र (proposed budget session) में विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

दरअसल 2020 में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chouhan)  द्वारा लोक सुरक्षा को लेकर कानून बनाने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद भी विभाग ने इसकी तैयारी शुरू की थी। वहीं गृह विभाग द्वारा अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि उन सभी स्थानों पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाएगा। जहां भीड़ भाड़ अधिक होती है। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज, बैंक, बाजार सहित मॉल आदि स्थानों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।

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मामले में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि विधेयक तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। व्यवस्था से अपराध को नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही इसके विवेचना में मदद मिलेगी। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था भोपाल इंदौर सहित सभी बड़े शहरों में लागू की जाएगी। इसके अलावा ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन भी व्यवस्था में शामिल रहेंगे। इसके बाद इसे अन्य जिलों में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।

वहीं इन CCTV कैमरा में 2 महीने तक डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं कानून व्यवस्था की दृष्टि से जब इसकी मांग की जाएगी। संस्थान द्वारा कानून को सीसीटीवी के फुटेज उपलब्ध करवाए जाएंगे। वही भीड़भाड़ वाले इलाकों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा संस्थान से 10 से 20 हजार तक के जुर्माने लगाए जा सकेंगे। इस कानून के तहत संस्थान को खुद के खर्च पर ही सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।

बता दें कि अभी पुलिस को सीसीटीवी कैमरे का डाटा प्राप्त करने के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वहीं इस तरह के नियम नीति निकलने के बाद सुरक्षा कारणों से पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर संस्थान को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी के फुटेज पुलिस को उपलब्ध करवाने होंगे। ज्ञात हो कि इससे पहले आपका परिस्थिति बड़ा खराब है नेट का देश में तेलंगना पहला ऐसा राज्य है जिसने इस व्यवस्था को लागू किया है वहीं मध्यप्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला दूसरा राज्य होगा।