मप्र में बाहर के धान मिलर्स को आमंत्रित करेगी शिवराज सरकार, जल्द जारी होगा विज्ञापन

खाद्य मंत्री

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज 10 अप्रैल को शिवराज सरकार (Shivraj Government) में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया के प्रस्ताव पर उप समिति ने धान मिलर्स (Paddy Millers) को आने वाली समस्याओं को लेकर बैठक बुलाई थी, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह  (Food Minister Bisahulal Singh) ने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही विज्ञापन जारी कर मिलर्स को आमंत्रित किया जाएगा।

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आज शनिवार को धान एवं निस्तारण के लिए गठित मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक में मंत्री  बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि विगत दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के साथ हुई चर्चा में मिलर्स द्वारा प्रोत्साहन राशि को 25 रुपये प्रति क्विंटल से बढाकर 50 रूपये किए जाने का अनुरोध किया था।मुख्यमंत्री द्वारा प्रोत्साहन राशि 50 रुपये प्रति क्विंटल कर दी। बाद में धान मिलर्स द्वारा धान के टूटन का हवाला देते हुए नुकसान के कारण मिलिंग में रूचि नहीं लेते हुए इसे 100 एवं 200 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की माँग की है।

मंत्री सिंह ने बताया कि अन्य राज्यों में मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में क्रमश: उत्तर प्रदेश में 20 रूपये प्रति क्विंटल, छत्तीसगढ़ में अरवा और उष्णा चावल के लिए 20, 40 और 45 रुपये प्रति क्विंटल, आंध्र प्रदेश में सार्टेक्स चावल के लिए 60 एवं अच्छे चावल के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

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सहकारिता मंत्री अरविन्द भदौरिया (Arvind Bhadoria) ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में 100 एवं 200 रुपये की राशि व्यवहारिक रूप से बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि मिलिंग के लिए अन्य राज्यों के धान मिलर्स को आमंत्रित किया जाना चाहिए। जहाँ तक टूटन का प्रश्न है टूटन अन्य राज्यों में भी होगी।

बैठक मे बताया गया कि राज्य शासन (MP Government) द्वारा समय-सीमा में धान उपार्जन के दौरान मिलिंग शुरू करने के लिए नीति बनाई गई, प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने के साथ ही प्रतिभूति राशि 60 से 70 प्रतिशत की गई। मिलर्स द्वारा धान/चावल गोदाम से मिल तक ले जाने एवं लाने के लिए परिवहन की दरें निर्धारित की गईं। धान की लोडिंग अनलोडिंग करने के लिए दरें जारी की गई। पूर्व में यह लोडिंग-अनलोडिंग का प्रावधान नहीं था। इसके अलावा मिलर्स को समय पर भुगतान किया जा सके, इसके लिए देयकों के ऑनलाइन बिलिंग (Online Billing) का प्रावधान किया गया।

बता दे कि प्रदेश में 750 राइस मिल हैं, जिनमें 35 हजार मीट्रिक टन मीलिंग प्रतिदिन की जा सकती है। भारत सरकार द्वारा सौरटेक्स आधारित मीलिंग को प्राथमिकता दी जाती है। प्रदेश में 15 से 20 प्रतिशत सौरटेक्स मिल्स उपलब्ध हैं।

समिति की बैठक में वित मंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री  कमल पटेल, सहकारिता मंत्री  अरविन्द भदौरिया, आयुष मंत्री  रामकिशोर काँवरे के साथ मिलर्स एसोसिएशन की ओर से सतना से ललित माहेश्वरी, बालाघाट से गंभीर संचेती, सिवनी से आशीष अग्रवाल, रीवा से दिलीप सिंह, जबलपुर से मुकेश जैन, कटनी से  करमचंद असरानी, दावत फूड से राजेन्द्र वाधवान, रॉयल ग्रेन्स सेअब्दुल ताहिर, सागर से क्षितिज मित्तल,  विज्ञान लढढा एवं शंकर मेहानी ने वर्चुअली भाग लिया। संचालक खाद्य तरूण पिथौडे़ एवं प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम  अभिजीत अग्रवाल ने वर्चुअली भाग लिया।