MP में कोरोना रिकवरी रेट 94 प्रतिशत, शिवराज बोले- जनवरी में वैक्सीन की संभावना

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। प्रदेश की कोरोना रिकवरी रेट (Recovery Rate) बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है, वहीं एक्टिव प्रकरणों की संख्या निरंतर घट रही है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। नवंबर (November) का महिना लगते ही मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में रिकवरी रेट में सुधार आया है। प्रदेश की कोरोना (Corona) रिकवरी रेट 94 प्रतिशत और एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 7756 हो गई है।हाालांकि बदलते मौसम (Weather) और बढ़ती ठंड को देखते हुए त्यौहार में विशेष सावधानी रखने की जरुरत है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगेगी पहली वैक्सीन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। प्रदेश की कोरोना रिकवरी रेट (Recovery Rate) बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है, वहीं एक्टिव प्रकरणों की संख्या निरंतर घट रही है। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 7756 रह गई है। जनवरी 2021 में कोरोना की वैक्सीन के मद्देनजर प्रदेश में कोल्ड चेन (Cold Chain) आदि की सभी तैयारियां कर ली जाएं। सबसे पहले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वैक्सीन (Vaccine) लगाई जाएगी। आगामी दीपावली (Dipawali) के त्यौहार एवं सर्दी के मौसम के मद्देनजर कोरोना के संबंध में विशेष सावधानी एवं सतर्कता बरती जाए। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे मास्क (Masks) अवश्य लगाएं, एक दूसरे से 2 गज की दूरी बनाए रखें, बार-बार हाथ धोएं, सैनेटाइज करें तथा अन्य सभी सावधानियां बरतें।उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कोरोना के थोड़े भी लक्षण दिखने पर फीवर क्लीनिक पर आकर तुरंत टैस्ट कराएं। वहां कोरोना टैस्टिंग की नि:शुल्क व्यवस्था है।

जनवरी में आ सकती है वैक्सीन

मुख्यमंत्री चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि प्रदेश में शासकीय (Government Hospitals) एवं अनुबंधित निजी अस्पतालों (Private Hospitals) में कोरोना के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। इन अस्पतालों की 36 हजार 755 बैड्स क्षमता है, जिनमें 1700 बैड्स निजी अनुबंधित अस्पतालों में हैं। सभी जिलों में बैड्स, ऑक्सीजन आदि की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश में कोरोना के मरीजों में 53 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन (Home Isolation) में हैं। यहां इनकी निरंतर मॉनीटरिंग ‘कमांड एण्ड कंट्रोल’ सेंटर्स के माध्यम से की जा रही है। अस्पतालों में 17 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

भोपाल, इंदौर में सर्वाधिक केस

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य सुलेमान (Additional Chief Secretary Health Suleman) ने बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन जनवरी 2021 में आने की संभावना है। सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स (Health Workers) को वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रदेश में हेल्थ वर्कर्स की संख्या लगभग 4 लाख है।जिलावार समीक्षा में पाया गया कि भोपाल (Bhopal) में सर्वाधिक 180, इंदौर (Indore) में 65, ग्वालियर (Gwalior) में 57 तथा जबलपुर (Jabalpur) में 33 नए प्रकरण आए हैं। यद्यपि सभी जगह स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की स्थिति में सर्वाधिक सुधार है। बुरहानपुर में कोरोना के 07 तथा खंडवा में 25 एक्टिव मरीज हैं।

निजी अस्पताल अधिक राशि न वसूलें, प्रभारी अधिकारी सक्रिय रहें

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बहुत से मरीज निजी अस्पतालों में भी कोरोना का इलाज करा रहे हैं। अत: यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज का अधिक शुल्क न वसूले। कोरोना इलाज के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाए।मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना नियंत्रण के लिए जिलों के लिए नियुक्त वरिष्ठ प्रभारी अधिकारियों (Officers Incharge) को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों की निरंतर मॉनीटरिंग करते रहें एवं सक्रिय रहें। वैक्सीन की तैयारियां कर लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here